भोपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली ट्विशा मामले ने अब भावनात्मक और कानूनी दोनों स्तरों पर बड़ा मोड़ ले लिया है। परिवार लगातार यह दावा कर रहा है कि ट्विशा आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती थी। परिजनों का आरोप है कि उसे लंबे समय तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, उसे भावनात्मक तौर पर तोड़ा गया और धीरे-धीरे उसके सभी करीबी रिश्तों से दूर कर दिया गया। परिवार का कहना है कि यह सामान्य आत्महत्या का मामला नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश हो सकती है।
ट्विशा की फुफेरी बहन नैना ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि ट्विशा बेहद आत्मविश्वासी, खुलकर जीने वाली और मजबूत इरादों की लड़की थी। उन्होंने बताया कि दोनों बचपन से बेहद करीब थीं, हालांकि शादी के बाद बातचीत कम हो गई थी। नैना ने आरोप लगाया कि ट्विशा के पति और उसकी मां ने मिलकर उसे मानसिक रूप से कमजोर करने का प्रयास किया। उनका कहना था कि ट्विशा के पति का पेशा क्रिमिनल लॉ से जुड़ा हुआ है और उसे मनोवैज्ञानिक व्यवहार की अच्छी समझ थी। इसी का इस्तेमाल कर ट्विशा को धीरे-धीरे तोड़ा गया।
नैना ने कहा कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं लगती, बल्कि काफी समय से चल रही प्रक्रिया का नतीजा प्रतीत होती है। उनके अनुसार ट्विशा को उसके दोस्तों और करीबियों से अलग-थलग कर दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा का संपर्क लगभग खत्म कर दिया गया था और वह केवल अपनी मां से ही नियमित रूप से बात कर पाती थी। नैना ने बताया कि आखिरी बार जब ट्विशा की अपनी मां से बातचीत हुई, तब अचानक ऐसा लगा जैसे कमरे में कोई आ गया हो, जिसके तुरंत बाद कॉल कट गई। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे परिवार को झकझोर दिया। उन्होंने मांग की कि मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR की जांच कराई जानी चाहिए।
ट्विशा की बहन ने यह भी कहा कि परिवार को लगातार यही बताया जा रहा था कि सबकुछ सामान्य चल रहा है। ट्विशा ने अपनी मां से कहा था कि 15 तारीख को नोएडा लौटने के बाद वह विस्तार से बात करेगी। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह अंदर ही अंदर इतनी गंभीर परिस्थितियों से गुजर रही थी। नैना ने भावुक होते हुए कहा कि ट्विशा परिवार की सबसे निडर, खूबसूरत और जिंदादिल लड़की थी। वह खुद दूसरों को हिम्मत देती थी और हर मुश्किल में सकारात्मक रहने की प्रेरणा बनती थी।
इस बीच ट्विशा के पिता ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी को ससुराल में मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि दहेज को लेकर भी उस पर दबाव बनाया जा रहा था। पिता ने दुख जताते हुए कहा कि शायद उन्हें अपनी बेटी को उस घर में वापस नहीं भेजना चाहिए था। उन्होंने भारतीय समाज में शादी को हर हाल में बचाए रखने की सोच को भी इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार ठहराया। उनके मुताबिक मध्यमवर्गीय परिवार अक्सर सामाजिक दबाव के कारण रिश्ते टूटने देने से डरते हैं, चाहे हालात कितने भी खराब क्यों न हों।
पिता ने बताया कि ट्विशा ने उनसे तलाक को लेकर भी बात की थी। उसने साफ कहा था कि अगर हालात नहीं सुधरे तो वह इस रिश्ते से बाहर निकलने में पीछे नहीं हटेगी। परिवार के अनुसार ट्विशा ने अपनी मां से यह भी कहा था कि वह इस तरह की जिंदगी अब और नहीं जीना चाहती। वहीं उसके भाई हर्षित ने कहा कि परिवार न्याय के लिए पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेगा।
ट्विशा की चचेरी बहन मीनाक्षी ने भी कई चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हालात तब और खराब हो गए जब ट्विशा की वर्क-फ्रॉम-होम नौकरी चली गई और वह गर्भवती हुई। आरोप है कि उसके पति ने बच्चे को अपना मानने से इनकार कर दिया, जिससे ट्विशा मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गई थी।
बताया जा रहा है कि ट्विशा और समर्थ सिंह की मुलाकात साल 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। दोनों के बीच करीबियां बढ़ीं और फिर दिसंबर 2025 में उन्होंने शादी कर ली। अब ट्विशा की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और परिवार लगातार इसे हत्या करार देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।