अमृतसर ASI हत्याकांड में बड़ा अपडेट, आरोपी दीपक सिंह पुलिस मुठभेड़ में ढेर; पाकिस्तान कनेक्शन का दावा

अमृतसर में ड्यूटी के दौरान मारे गए ASI हरजीत सिंह हत्याकांड में पुलिस को नया सुराग मिला है। पुलिस ने मामले में आरोपी बताए जा रहे दीपक सिंह को शनिवार रात मुठभेड़ में मार गिराया। अमृतसर पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल के मुताबिक, पुलिस नाके पर रोके जाने के दौरान संदिग्धों ने कथित तौर पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दीपक घायल हुआ। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने हत्याकांड में पाकिस्तान में बैठे एक कथित हैंडलर की भूमिका का भी दावा किया है।

पुलिस नाके पर हुई फायरिंग, एक आरोपी मारा गया

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी इनपुट, टावर डंप एनालिसिस और स्थानीय स्तर से मिली जानकारी के आधार पर दीपक सिंह की पहचान की गई थी। शनिवार रात पुलिस टीम ने अमृतसर में नाके पर स्कूटर सवार दो संदिग्धों को रोकने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि संदिग्धों ने फायरिंग की और वहां से निकलकर दूसरे नाके की तरफ भागे।

पुलिस के अनुसार, दूसरे नाके पर भी फायरिंग हुई। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की, जिसमें दीपक सिंह को गोली लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसके साथ मौजूद दूसरा संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में अभियान चला रही है।

पुलिस ने मौके से एक .30 बोर पिस्तौल, दो मैगजीन, आठ जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और एक एक्टिवा स्कूटर बरामद करने की बात कही है। इन बरामद चीजों की जांच मामले की आगे की जांच का हिस्सा है।

पाकिस्तान में बैठे हैंडलर का क्या है कनेक्शन?

एनकाउंटर के बाद अमृतसर पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने हत्याकांड की साजिश को लेकर एक और अहम दावा किया। उनके मुताबिक, पाकिस्तान में मौजूद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर आरोपियों को पैसे और ड्रग्स के कारोबार में शामिल कराने का लालच दिया था। पुलिस का कहना है कि उस कथित हैंडलर ने आरोपियों से अपनी वफादारी साबित करने के लिए एक पुलिसकर्मी की हत्या करने और उसका वीडियो बनाने को कहा था।

पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि ASI हरजीत सिंह पर हमला करने के बाद कथित तौर पर उनकी हत्या का वीडियो बनाया गया और उसे सीमा पार मौजूद हैंडलर तक भेजा गया। पुलिस मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच के जरिए इस दावे से जुड़े डिजिटल सबूत जुटाने की बात कह रही है।

पुलिस ने इस कथित पाकिस्तान कनेक्शन को जांच का हिस्सा बताया है। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे पुलिस की जांच और पुलिस कमिश्नर के बयान के आधार पर बताया गया है; इस स्तर पर इसे अदालत द्वारा स्थापित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता।
18 सितंबर को ड्यूटी के दौरान हुई थी ASI की हत्या

ASI हरजीत सिंह की 18 सितंबर को अमृतसर के भकतांवाला अनाज मंडी इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह PCR ड्यूटी पर तैनात थे। शुरुआती जांच के मुताबिक, हमलावरों ने उनका पीछा किया और नजदीक से गोली चलाई थी। पुलिस ने घटनास्थल से .30 बोर का कारतूस भी बरामद किया था और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की थी।

हत्या के बाद पंजाब पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी। अब जांच में पहचाने गए दो संदिग्धों में से एक दीपक सिंह मुठभेड़ में मारा गया है, जबकि दूसरा आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

दूसरे आरोपी की तलाश जारी

पुलिस के मुताबिक, फरार आरोपी को पकड़ने के लिए तलाश अभियान जारी है। साथ ही पुलिस दीपक सिंह से जुड़े मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। इससे हत्याकांड में कथित सीमा पार कनेक्शन और आरोपियों की भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है। फिलहाल पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलर की भूमिका भी पुलिस जांच का विषय है।