मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। ताजा मामला सतना जिले से सामने आया है, जहां बुधवार को एक ही आवारा कुत्ते ने करीब 40 लोगों को काटकर पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। घटना के बाद घायलों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी पीड़ितों का उपचार जारी है और उन्हें एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।
गहरा नाला से अस्पताल चौक तक फैला हमला, एक ही कुत्ता बना दहशत का कारणजानकारी देते हुए जिला अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. शरद दुबे ने बताया कि बुधवार को लगभग 40 घायल मरीज अस्पताल पहुंचे, जिन पर एक ही आवारा कुत्ते ने हमला किया था। उन्होंने बताया कि यह घटना शहर के गहरा नाला से लेकर अस्पताल चौक के बीच हुई, जहां उसी कुत्ते ने लगातार लोगों को निशाना बनाया। सभी घायलों को तुरंत उपचार दिया जा रहा है और एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई जा रही है ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके।
पीड़ित ने सुनाई आपबीती, सामने ही कई लोगों पर टूट पड़ा कुत्ताहमले में घायल सुंदरलाल साकेत ने घटना का खौफनाक अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह अस्पताल चौक के पास चाय पीने के लिए रुके थे, तभी एक भूरे रंग का आवारा कुत्ता अचानक उन पर झपट पड़ा और काट लिया। उन्होंने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। पीड़ित के अनुसार, उनके सामने ही उसी कुत्ते ने लगातार 8 से 10 अन्य लोगों को भी काट लिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। इससे पहले भी इंदौर के महू क्षेत्र में इसी तरह का मामला सामने आ चुका है, जहां एक आवारा कुत्ते ने कई लोगों को घायल कर दिया था।
सरकार की तैयारी और सख्त नियमों के बावजूद जारी समस्यामध्य प्रदेश सरकार ने आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू की है। इसके तहत सभी जिलों में आवारा पशुओं के प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं और नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत करने का दावा किया गया है। सरकार ने 2030 तक भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम को रैबीज मुक्त बनाने का लक्ष्य भी तय किया है, लेकिन जमीनी हालात अलग तस्वीर दिखा रहे हैं।
चौंकाने वाले आंकड़े: एमपी में 10 लाख से ज्यादा आवारा कुत्तेनेशनल हेल्थ मिशन (NHM) की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों की संख्या 10 लाख से अधिक पहुंच चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा मामले आर्थिक राजधानी इंदौर से सामने आते हैं, जहां कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसके बाद राजधानी भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहर भी इस समस्या से प्रभावित हैं। लगातार बढ़ते मामलों ने प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।