चेतावनी दी गई थी फिर भी नहीं रोका गया क्रूज, तेज हवा में पलटी नाव; बरगी डैम हादसे में अब तक 9 की मौत

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में हुए दर्दनाक बरगी डैम क्रूज हादसे को लेकर नए खुलासे सामने आ रहे हैं। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्होंने क्रूज ऑपरेटर को उस समय सावधान किया था जब मौसम तेजी से बिगड़ रहा था और तेज हवाएं चल रही थीं। इसके बावजूद उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया और क्रूज को आगे बढ़ाया गया, जो बाद में हादसे का कारण बन गया। इस दुर्घटना में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। वहीं 22 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

लाइफ जैकेट को लेकर भी सामने आए गंभीर आरोप

हादसे से बचकर निकले एक यात्री ने बताया कि वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ क्रूज में सवार था। अचानक एक तेज लहर क्रूज से टकराई, जिससे शीशा टूट गया और उसे चोट भी आई। उन्होंने आरोप लगाया कि क्रूज स्टाफ की ओर से यात्रियों को लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके बाद यात्रियों ने खुद ही जैकेट ढूंढकर एक-दूसरे को दीं। इस हादसे के बाद उनकी पत्नी और बेटी अब भी लापता हैं, जिससे परिवार सदमे में है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई लापरवाही की पूरी कहानी

घटना के दौरान मौजूद लोगों ने बताया कि मौसम पहले से ही खराब था और तेज हवा लगातार चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शी सम्राट ने दावा किया कि उन्होंने क्रूज स्टाफ को सुरक्षित दिशा में नाव ले जाने की सलाह दी थी, लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया।

उनके अनुसार, क्रूज को दूसरी दिशा में ले जाया जा रहा था, लेकिन बीच डैम में पहुंचते ही वह तेज हवा और ऊंची लहरों के दबाव में असंतुलित होकर पलट गया। कुछ यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहनकर पानी में छलांग लगाई, जिन्हें बाद में सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और तुरंत अस्पताल भेजा गया।
16 घंटे बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

इस दर्दनाक हादसे को करीब 16 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन बचाव अभियान अब भी जारी है। गुरुवार शाम से शुक्रवार सुबह तक कुल 9 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं शामिल हैं। घटनास्थल पर लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

SDRF, NDRF और पुलिस प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और लापता लोगों की तलाश की जा रही है। हालांकि समय बीतने के साथ अब जिंदा बचाव की उम्मीदें लगातार कम होती जा रही हैं। हादसा उस वक्त हुआ जब क्रूज नर्मदा नदी के बरगी डैम क्षेत्र में खमरिया टापू के पास भ्रमण कर रहा था और अचानक तेज आंधी और ऊंची लहरों की चपेट में आ गया।

मंत्री राकेश सिंह ने दी जानकारी

मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि खराब मौसम और अंधेरे के कारण रात में राहत कार्य पूरी तरह से नहीं हो सका था।

उन्होंने कहा कि अब NDRF के साथ-साथ सेना की विशेष टीमें भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल हो चुकी हैं, जो ऐसे हालात में विशेषज्ञ मानी जाती हैं। अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है, जबकि 9 शव निकाले जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कठिन परिस्थितियों के कारण केवल प्रशिक्षित टीमें ही बचाव कार्य को आगे बढ़ा पा रही हैं।