2 हजार किलोमीटर तक पीछा कर पकड़ी गई तस्करी की खेप, आगरा-जयपुर हाईवे से 115 किलो अफीम बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार

मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। लंबी निगरानी और सटीक खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने आगरा-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 115.160 किलोग्राम अवैध अफीम जब्त की है। इस कार्रवाई के दौरान एक कथित तस्कर को गिरफ्तार किया गया, जबकि तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक हुंडई क्रेटा कार को भी अपने कब्जे में ले लिया गया।

ndtv इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सीबीएन को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि झारखंड नंबर की एक एसयूवी के जरिए बड़ी मात्रा में अफीम गुवाहाटी से राजस्थान के जोधपुर पहुंचाई जा रही है। सूचना मिलते ही सीबीएन नीमच की टीम सक्रिय हो गई और संदिग्ध वाहन पर नजर रखने के लिए विशेष ऑपरेशन शुरू किया गया।

करीब 2 हजार किलोमीटर तक की गई निगरानी


खुफिया इनपुट मिलने के बाद अधिकारियों ने वाहन की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखी। बताया गया कि टीम ने लगभग 2 हजार किलोमीटर लंबे मार्ग पर कार का पीछा करते हुए उसकी लोकेशन और मूवमेंट की निगरानी की। कई राज्यों से गुजरते हुए वाहन की हर गतिविधि पर नजर रखी गई ताकि सही समय पर कार्रवाई की जा सके।

लंबे ऑपरेशन के बाद 20 जून की सुबह आगरा-जयपुर हाईवे स्थित सिकंदरा टोल प्लाजा पर संदिग्ध वाहन को रोक लिया गया। इसके बाद चालक को हिरासत में लेकर वाहन की विधिवत तलाशी शुरू की गई।
डिक्की से मिले 109 पैकेट, बरामद हुई भारी मात्रा में अफीम

एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई तलाशी के दौरान कार की डिक्की से तीन बड़ी बोरियां बरामद हुईं। जब इन बोरियों की जांच की गई तो उनमें कुल 109 पैकेट मिले। अधिकारियों ने प्रत्येक पैकेट की जांच की, जिसमें बड़ी मात्रा में अवैध अफीम पाई गई।

माप-तौल के बाद जब्त किए गए मादक पदार्थ का कुल वजन 115.160 किलोग्राम निकला। इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की बरामदगी को हाल के समय की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए अपनाया गया था नया तरीका

सीबीएन अधिकारियों ने बताया कि तस्करों ने मादक पदार्थ की पहचान छिपाने के लिए विशेष तरकीब अपनाई थी। वाहन के अंदर बड़ी मात्रा में परफ्यूम और सुगंधित पदार्थों का छिड़काव किया गया था ताकि अफीम की गंध बाहर न जा सके और जांच एजेंसियों या सूंघने वाले उपकरणों को भ्रमित किया जा सके।

हालांकि, खुफिया जानकारी की सटीकता और टीम की सतर्कता के चलते यह प्रयास सफल नहीं हो पाया। अधिकारियों ने समय रहते वाहन को रोककर पूरी खेप बरामद कर ली और तस्करी की योजना को नाकाम कर दिया।

तस्करी नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी जांच टीम


गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि खेप असम के गुवाहाटी से राजस्थान के जोधपुर भेजी जा रही थी।

अब जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई हैं। अधिकारियों का ध्यान उन लोगों की पहचान करने पर है जो इस अवैध कारोबार में सप्लायर, ट्रांसपोर्टर और रिसीवर के रूप में शामिल हो सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ के दौरान और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

इस वर्ष अब तक दर्ज हुए 69 मामले, 98 आरोपी गिरफ्तार

डिप्टी नारकोटिक्स कमिश्नर कार्यालय, नीमच से मिली जानकारी के अनुसार, सीबीएन मध्य प्रदेश इकाई ने चालू कैलेंडर वर्ष में नशा तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रखी है। आंकड़ों के मुताबिक अब तक कुल 69 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 98 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

विभाग का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ खुफिया सूचना आधारित अभियान आगे भी जारी रहेंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए सख्त और निरंतर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सीमावर्ती और संवेदनशील मार्गों पर निगरानी को और अधिक मजबूत किया जा रहा है ताकि इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।