रांची छात्र आंदोलन: सरकार से वार्ता को तैयार हुए प्रदर्शनकारी, स्टेट गेस्ट हाउस में हो सकती है अहम बैठक

झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। पिछले 13 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे छात्रों ने सरकार के साथ बातचीत के लिए सहमति जता दी है। छात्रों की मुख्य मांग है कि भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए और मुख्यमंत्री स्वयं उनसे संवाद करें।

अब इस आंदोलन के बीच राहत की खबर सामने आई है। गुरुवार (6 अगस्त) को सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच औपचारिक बातचीत होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि बैठक सरकार की ओर से तय स्थान पर आयोजित होगी और इसके लिए स्टेट गेस्ट हाउस को संभावित स्थल माना जा रहा है। यदि यह वार्ता सफल रहती है तो लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन का समाधान निकलने की उम्मीद भी बढ़ सकती है।

सरकार ने बातचीत के लिए बनाई पांच सदस्यीय समिति


आंदोलन को लेकर सरकार ने छात्रों से संवाद स्थापित करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। सूत्रों के मुताबिक इस समिति में कुल पांच सदस्य शामिल किए गए हैं, जिनमें चार मंत्री और एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शामिल हैं। सरकार की कोशिश है कि बातचीत के जरिए छात्रों की मांगों और उनकी चिंताओं का समाधान तलाशा जाए।

समिति में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की ओर से मंत्री सुदिव्य सोनू और चमरा लिंडा को शामिल किया गया है। वहीं कांग्रेस की ओर से मंत्री दीपिका पांडेय सिंह तथा राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की ओर से मंत्री संजय यादव को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके अलावा राज्य के विकास आयुक्त और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अजय कुमार भी इस वार्ता समिति का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
13वें दिन भी जारी रहा छात्रों का प्रदर्शन

गुरुवार को आंदोलन अपने 13वें दिन में प्रवेश कर गया। धरने पर बैठे छात्र लगातार मांग कर रहे हैं कि जेपीएससी परीक्षा, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा और अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराई जाए। छात्रों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बिना भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा बहाल नहीं हो सकता।

मानसून सत्र से पहले आंदोलन हुआ और तेज

छात्र 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग भी लगातार उठा रहे हैं। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में उनका धरना लगातार जारी है और विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले आंदोलन ने और जोर पकड़ लिया है। माना जा रहा है कि इसी वजह से सरकार ने छात्रों के साथ बातचीत की प्रक्रिया को तेज किया है।

इधर, आंदोलन के समर्थन में अनशन करने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अब जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आमरण अनशन पर बैठे लोगों की संख्या छह हो गई है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के सदस्य देवेंद्र नाथ महतो भी पिछले चार दिनों से वहीं अनशन पर बैठे हैं। ऐसे में सभी की निगाहें अब सरकार और छात्रों के बीच होने वाली संभावित बैठक पर टिकी हुई हैं।