झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार 16वें दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 10 अगस्त को विधानसभा भवन के घेराव का ऐलान किया है। आंदोलन के बढ़ते दबाव के बीच अब सरकार की ओर से भी कुछ मांगों पर नरमी के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा यानी PT को रद्द करने पर विचार कर रही है। इसके अलावा कुछ अन्य परीक्षाओं को भी निरस्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी लंबे समय से कई प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया में गड़बड़ी और अनियमितता का आरोप लगाते हुए उन्हें रद्द करने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में संभावना है कि सरकार प्रदर्शनकारियों की कुछ प्रमुख मांगों को स्वीकार कर सकती है। इसके साथ ही जांच के स्वरूप को लेकर भी सरकार और आंदोलनकारी पक्ष के बीच सहमति बनाने की कोशिश चल रही है। माना जा रहा है कि सीआईडी या सीबीआई जांच के बजाय न्यायिक जांच कराने के विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है।
इसके अलावा अभ्यर्थियों की ओर से व्यवस्था में बदलाव और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने से जुड़ी मांगों को लेकर भी सरकार सकारात्मक रुख अपना सकती है। फिलहाल इन सभी मुद्दों पर सरकार के मंत्रियों और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर जारी है।
अलग-अलग संगठनों के बैनर तले चल रहा प्रदर्शनरांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ अलग-अलग छात्र संगठन और अभ्यर्थी समूह आंदोलन कर रहे हैं। इनमें JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच और देवेंद्र महतो ग्रुप प्रमुख रूप से शामिल हैं। इनके अलावा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी AISA और NSUI के कार्यकर्ता भी आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं।
सरकार की ओर से मुख्य रूप से JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच और देवेंद्र महतो ग्रुप के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की जा रही है। सरकार की कोशिश है कि आंदोलन को किसी समाधान तक पहुंचाया जाए और 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव की स्थिति पैदा न हो।
छात्रों की ओर से लगातार यह मांग की जा रही है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो और जिन परीक्षाओं की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे हैं, उन्हें रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित कराई जाए।
सरकार और छात्रों के बीच दो दौर की बातचीत बेनतीजाप्रदर्शनकारी छात्रों और सरकार के बीच समाधान निकालने के लिए अब तक दो दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार के मंत्रियों ने शुक्रवार रात आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के साथ पहली बैठक की थी। इसके बाद शनिवार दोपहर दोनों पक्षों के बीच दूसरे दौर की वार्ता हुई।
हालांकि, दोनों बैठकों के बावजूद अब तक ऐसा कोई अंतिम समाधान सामने नहीं आया है, जिसे लेकर आंदोलनकारी छात्र अपनी हड़ताल या प्रदर्शन समाप्त करने पर सहमत हों। ऐसे में रविवार को होने वाली बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बातचीत के परिणाम के आधार पर ही 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को लेकर छात्रों की आगे की रणनीति तय हो सकती है।
आंदोलन के बीच विधायक जयराम महतो भी छात्रों के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने रविवार सुबह से 24 घंटे का निर्जला अनशन शुरू किया है। वह रांची के पुराने विधानसभा परिसर में छात्रों के समर्थन में उपवास कर रहे हैं। उनका यह अनशन JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन और भूख हड़ताल के समर्थन में है।
जयराम महतो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, रांची में पिछले कई दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन और भूख हड़ताल के समर्थन में वह 9 अगस्त की सुबह 6 बजे से पुराने विधानसभा परिसर में एक दिवसीय निर्जला अनशन पर बैठेंगे।
14वीं JPSC परीक्षा की जांच में तीन सदस्यों से पूछताछइधर, 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी अब झारखंड लोक सेवा आयोग के मौजूदा तीन सदस्यों से पूछताछ करने की तैयारी में है।
CID की ओर से आयोग की सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद को पूछताछ के लिए समन जारी किया गया है। जानकारी के मुताबिक, तीनों सदस्यों से सोमवार से पूछताछ की जाएगी।
इन तीनों सदस्यों की नियुक्ति 2 सितंबर 2021 को हुई थी। इससे पहले अगस्त 2021 में राज्य कैबिनेट ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। अब जांच एजेंसी परीक्षा से जुड़ी पूरी प्रक्रिया, आयोग के स्तर पर लिए गए फैसलों और परीक्षा के दौरान सामने आए घटनाक्रम के बारे में तीनों सदस्यों से जानकारी हासिल करेगी।
CID यह समझने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा आयोजित करने से लेकर प्रश्नपत्र, परीक्षा केंद्रों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं तक किन-किन स्तरों पर फैसले लिए गए थे। पूछताछ के बाद जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
JPSC आंदोलन के समर्थन में रांची पहुंचा CJP प्रतिनिधिमंडलरांची में चल रहे छात्र आंदोलन को अब कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP का भी समर्थन मिल गया है। छात्रों के आंदोलन के समर्थन में CJP का एक प्रतिनिधिमंडल रांची पहुंचा और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनके साथ खड़े रहने का ऐलान किया।
प्रतिनिधिमंडल की ओर से कहा गया कि झारखंड के छात्रों और युवाओं के साथ पार्टी पूरी मजबूती से खड़ी है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक समूह के रूप में आंदोलन को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि जहां भी छात्रों के अधिकारों और हितों के साथ अन्याय होता है, वहां उनकी आवाज के साथ खड़ा होना है।
CJP प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अगर छात्रों के साथ किसी भी स्तर पर अन्याय होता है या उनके अधिकारों को दबाने की कोशिश की जाती है, तो पार्टी उनके समर्थन में आवाज उठाएगी।
फिलहाल रांची में छात्र आंदोलन लगातार जारी है और सरकार के साथ बातचीत का दौर भी चल रहा है। एक तरफ 14वीं JPSC PT परीक्षा समेत कुछ अन्य परीक्षाओं को लेकर सरकार के संभावित फैसले पर नजर बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर जांच के स्वरूप और परीक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दे भी अहम बने हुए हैं। अब रविवार को होने वाली बातचीत और उसके बाद सरकार की ओर से लिए जाने वाले फैसले से तय होगा कि 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव टलता है या छात्र आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया जाता है।