दूषित गोलगप्पे-छोले खाने से 18 बच्चे बीमार, एक की मौत

भीषण गर्मी के बीच दूषित स्ट्रीट फूड ने झारखंड के गिरिडीह में कहर बरपा दिया है। गोलगप्पे और छोले खाने के बाद एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसमें एक 6 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि 18 अन्य बच्चे गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। यह पूरा मामला मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बजटो गांव का है, जहां एक फेरीवाले के खाद्य पदार्थ खाने के बाद अचानक कई लोग फूड प्वाइजनिंग की चपेट में आ गए और गांव में अफरा-तफरी मच गई।

एक के बाद एक बिगड़ती गई तबीयत, अस्पताल में मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार रविवार शाम तक मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती रही। सबसे पहले भर्ती 6 वर्षीय रंजन कुमार की हालत अचानक बिगड़ी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। फिलहाल गिरिडीह सदर अस्पताल में 18 बच्चों का इलाज चल रहा है और कई की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है, जिससे डॉक्टरों की चिंता बढ़ गई है।

फेरीवाले के खाने के बाद शुरू हुई परेशानी


स्थानीय लोगों के मुताबिक शनिवार शाम एक फेरीवाला बजटो गांव में गोलगप्पे और छोले बेचने आया था। गांव के बच्चों और महिलाओं ने बड़ी संख्या में यह खाद्य पदार्थ खाए। इसके कुछ ही घंटों बाद लोगों को उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी। रात होते-होते स्थिति और बिगड़ गई और रविवार तक कई लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई।

18 बच्चों की हालत नाजुक, अस्पताल में बढ़ाई गई व्यवस्था

प्रभावित लोगों को तुरंत गिरिडीह सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। बाकी 18 बच्चों समेत कई मरीजों का इलाज जारी है और डॉक्टरों के अनुसार कुछ मरीजों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया है और अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है ताकि समय पर उपचार दिया जा सके और किसी भी तरह की लापरवाही न हो।
प्रशासन सक्रिय, गांव में भी शुरू हुआ इलाज अभियान

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों का कहना है कि सभी लोग फेरीवाले से खरीदे गए गोलगप्पे और छोले खाने के बाद ही बीमार पड़े थे। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि खाद्य पदार्थ पूरी तरह दूषित थे, जिसके कारण यह गंभीर स्थिति बनी।

उपायुक्त, एसडीएम और एसडीपीओ ने अस्पताल पहुंचकर हालात का जायजा लिया और डॉक्टरों को हर मरीज को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए। प्रशासन ने साफ कहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गांव में मेडिकल कैंप, फेरीवाले की तलाश जारी

स्वास्थ्य विभाग की टीम बजटो गांव में कैंप कर रही है और घर-घर जाकर उन लोगों की पहचान कर रही है जो अभी तक अस्पताल नहीं पहुंच पाए हैं या जिनमें हल्के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। उनका मौके पर ही इलाज किया जा रहा है।

साथ ही जिला प्रशासन ने फेरीवाले की पहचान और तलाश तेज कर दी है। खाद्य सुरक्षा विभाग को संदिग्ध गोलगप्पे और छोले के नमूने जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इतनी बड़ी फूड प्वाइजनिंग की वजह क्या थी।