जम्मू-कश्मीर के पुंछ में भीषण भूस्खलन, मलबे में दबा मकान; एक ही परिवार के 7 लोगों की दर्दनाक मौत

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पुंछ जिले में सोमवार को हुए भीषण भूस्खलन ने एक पूरे परिवार को तबाह कर दिया। लोरन गांव के ऊंचाई वाले क्षेत्र में मिट्टी का एक मकान अचानक भूस्खलन की चपेट में आ गया, जिससे उसमें रह रहे सात लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने इस दर्दनाक हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर लगातार अभियान चला रहे हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है।

लोरन गांव में हुआ दर्दनाक हादसा

प्रशासन के अनुसार, यह हादसा पुंछ जिले के लोरन गांव के पहाड़ी इलाके में हुआ, जहां लगातार बारिश के चलते पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसक गया। भूस्खलन की चपेट में आने से मिट्टी से बना मकान पूरी तरह ढह गया और उसमें मौजूद परिवार मलबे के नीचे दब गया। राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन सात लोगों को बचाया नहीं जा सका। मृतकों में चार महिलाएं भी शामिल हैं।
जिले में बढ़ा मौतों का आंकड़ा

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार शाम से पुंछ जिले में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है, जिसके कारण कई इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। लोरन गांव की इस घटना के बाद जिले में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। इसके अलावा छह लोगों के अब भी लापता होने की सूचना है, जिनकी तलाश के लिए बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।

भारी बारिश से जम्मू-कश्मीर में हालात गंभीर

राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क धंसने और निचले इलाकों में जलभराव जैसी घटनाएं सामने आई हैं। कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि कई सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को भी अपना दिल्ली दौरा बीच में छोड़कर जम्मू-कश्मीर लौटना पड़ा, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की जा सके।

बटोत-किश्तवाड़ हाईवे पर भी हुआ हादसा

पुंछ के अलावा बटोत-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ। इस दौरान पहाड़ी से गिरे बड़े पत्थर एक बस पर आ गिरे, जिससे दो लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई संवेदनशील मार्गों पर यातायात रोक दिया है और लोगों से मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

पहाड़ी राज्यों में भी बढ़ा भूस्खलन का खतरा

केवल जम्मू-कश्मीर ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य पहाड़ी राज्यों में भी लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। कई सड़कों पर मलबा आने से यातायात बाधित हो गया है और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है। मौसम विभाग ने भी लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान जोखिम वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है।

रवींद्र रैना ने जताया गहरा शोक

भाजपा जम्मू-कश्मीर अध्यक्ष रवींद्र रैना ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पुंछ के लोरन क्षेत्र से बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां खतरनाक भूस्खलन के कारण एक मकान ढह गया और पूरा परिवार उसकी चपेट में आ गया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही सिविल प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। रैना ने दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए भगवान से ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से मानवता की रक्षा करने की कामना की।