हिमाचल प्रदेश में संपन्न हुए पंचायत चुनावों के नतीजों ने कई जगह राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं, लेकिन मंडी जिले के भांबला जिला परिषद वार्ड का परिणाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। यह वही क्षेत्र है जिसे भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत का गृह इलाका माना जाता है। यहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों को उम्मीद थी कि उनके समर्थित उम्मीदवार जीत हासिल करेंगे, लेकिन मतदाताओं ने अलग ही फैसला सुनाया। चुनावी मुकाबले में भाजपा की बागी प्रत्याशी अभिलाषा ठाकुर ने शानदार जीत दर्ज करते हुए दोनों प्रमुख दलों के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ दिया।
भांबला वार्ड का यह नतीजा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि चुनाव से कुछ दिन पहले अभिलाषा ठाकुर एक हमले का शिकार हुई थीं। उस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया था और चुनावी चर्चा का केंद्र भी यही मामला बन गया था। अब चुनाव परिणाम आने के बाद उनकी जीत ने स्थानीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है।
जानकारी के अनुसार, मतदान से पहले अभिलाषा ठाकुर अपने चुनाव प्रचार अभियान से लौट रही थीं। इसी दौरान खुडला गांव के पास कुछ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने उनके ऊपर चाकू से वार करने की कोशिश की और साथ ही पत्थरबाजी भी की। इस घटना में उनके सिर पर चोट लगी थी, जबकि उनकी कार भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। घटना के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए बलद्वाड़ा अस्पताल ले जाया गया था।
हमले की खबर सामने आते ही क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई थीं। अभिलाषा ठाकुर के परिवार ने इसे गंभीर और सुनियोजित हमला बताया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थी और मामले की पड़ताल अभी भी जारी है। चुनाव से ठीक पहले हुई इस घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।
जब मतगणना पूरी हुई तो परिणाम ने सभी को चौंका दिया। अभिलाषा ठाकुर ने कुल 6,142 वोट हासिल कर जीत अपने नाम की। भाजपा समर्थित उम्मीदवार कल्पना देवी को 4,900 मत मिले और उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। वहीं कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी राज कुमारी 3,560 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहीं। इसके अलावा उम्मीदवार रिंकू को 2,145 मत प्राप्त हुए।
भांबला वार्ड में कुल 16,747 वैध वोट डाले गए। चुनाव प्रक्रिया के दौरान 245 मत अमान्य घोषित किए गए, जबकि 145 मतदाताओं ने किसी भी उम्मीदवार को पसंद न करते हुए नोटा का विकल्प चुना। मतगणना की प्रक्रिया सरकाघाट स्थित राजकीय महाविद्यालय में पूरी की गई, जहां सुबह से ही उम्मीदवारों और समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही।
राजनीतिक दृष्टि से भांबला वार्ड का महत्व काफी अधिक माना जाता है क्योंकि यह मंडी संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है और सांसद कंगना रनौत का गृह क्षेत्र भी है। ऐसे में इस सीट पर भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई मानी जा रही थी। पार्टी को उम्मीद थी कि उसका अधिकृत उम्मीदवार यहां जीत हासिल करेगा, लेकिन मतदाताओं ने अलग फैसला सुनाते हुए बागी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया।
दिलचस्प पहलू यह रहा कि अभिलाषा ठाकुर ने केवल भाजपा प्रत्याशी को ही नहीं हराया, बल्कि कांग्रेस उम्मीदवार को भी मुकाबले से काफी पीछे छोड़ दिया। इससे साफ संकेत मिलता है कि स्थानीय स्तर पर मतदाताओं ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। यही कारण है कि इस परिणाम को पंचायत चुनावों के सबसे उल्लेखनीय और अप्रत्याशित नतीजों में गिना जा रहा है।
भाजपा के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का विषय माना जा रहा है, जबकि कांग्रेस भी इस सीट पर जीत हासिल करने का मौका नहीं भुना सकी। दूसरी ओर अभिलाषा ठाकुर की जीत ने यह साबित कर दिया कि स्थानीय राजनीति में व्यक्तिगत प्रभाव और जनसंपर्क कई बार बड़े राजनीतिक दलों की रणनीतियों पर भारी पड़ सकते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस जीत का असर आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति और दलों की अंदरूनी रणनीतियों पर किस तरह पड़ता है।