केंद्र सरकार पर जमकर बरसे गौरव गोगोई, बोले- पहली बार इतना डरा-सहमा देखा

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार के रवैये पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और संचार विभाग के महासचिव जयराम रमेश के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे सत्र के दौरान दबाव में नजर आई और कई अहम मुद्दों पर जवाब देने से बचती रही।

गौरव गोगोई ने कहा कि उन्होंने संसद के कई सत्र देखे हैं, लेकिन मौजूदा मानसून सत्र में पहली बार उन्हें सत्तापक्ष इतना डरा और सहमा हुआ दिखाई दिया। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की सदन की कार्यवाही में अनुपस्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

छात्र आंदोलन को लेकर सरकार पर निशाना


कांग्रेस सांसद ने छात्र आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, आंदोलन के बाद बने माहौल के बीच सरकार को शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा। इसी मुद्दे से संबंधित संशोधन विधेयक सदन में लाया गया और उस पर दो दिनों तक चर्चा हुई।

गोगोई ने बताया कि कांग्रेस ने चर्चा के दौरान सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी थीं। इनमें शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, पैलेट गन के इस्तेमाल पर गृह मंत्री का बयान और छात्रों से प्रधानमंत्री की ओर से माफी मांगना शामिल था। उनके अनुसार, इनमें से केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पूरी हुई।

गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल

गौरव गोगोई ने गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि जिस दो दिवसीय चर्चा का जिक्र कांग्रेस कर रही थी, उसमें न प्रधानमंत्री और न ही गृह मंत्री शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि करीब 15 दिनों तक गृह मंत्री की अनुपस्थिति के बाद सत्र समाप्त होने से दो दिन पहले सरकार की ओर से चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही गई। गोगोई ने इस दलील पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब चर्चा हो रही थी, तब सरकार के संबंधित मंत्री सदन में मौजूद नहीं थे।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि विपक्ष चर्चा से पीछे नहीं हट रहा था। उनके मुताबिक, चर्चा पहले ही हो चुकी थी और विपक्ष की मांग केवल संबंधित मुद्दों पर सरकार की ओर से बयान की थी।
राज्य सरकारों के अधिकारों का मुद्दा भी उठाया

गोगोई ने केंद्र सरकार पर ऐसे विधेयक सदन में लाने का आरोप भी लगाया, जिनसे उनके अनुसार राज्य सरकारों के अधिकार कमजोर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि संसद के पूरे सत्र के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा।

कांग्रेस नेता के मुताबिक, सत्र के अंत तक उनकी पार्टी की प्रमुख मांगों में गृह मंत्री का बयान और चंदा चोरी के मुद्दे पर चर्चा शामिल थी। उन्होंने सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष लगातार इन मुद्दों पर जवाब चाहता रहा।

जयराम रमेश के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस

गौरव गोगोई ने ये बातें कांग्रेस नेता जयराम रमेश के साथ आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस ने मानसून सत्र में सरकार की कार्यशैली और विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों को लेकर अपनी स्थिति सामने रखी।