राजकोट: 8 फीट नीचे पुल से गिरी रफ्तार से दौड़ती कार, आग का गोला बनी, एक मासूम सहित तीन की दर्दनाक मौत, कंकाल भी मिले

गुजरात के राजकोट जिले में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। राजकोट से करीब 40 किलोमीटर दूर गोंडल–अटकोट हाईवे पर मोटा मांडवा और मोटा दड़वा गांवों के बीच यह भीषण दुर्घटना हुई। तेज गति से जा रही एक कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 8 फीट ऊंचाई से पुल के नीचे जा गिरी। गिरते ही कार में आग भड़क उठी और कुछ ही पलों में वह आग का गोला बन गई। इस भयावह हादसे में कार सवार एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कुल चार लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है।

आग की चपेट में आकर जाम हो गए कार के दरवाजे

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के मुताबिक, हादसे के तुरंत बाद कार में लगी आग इतनी तीव्र थी कि वाहन के दरवाजे पूरी तरह जाम हो गए। बताया जा रहा है कि हुंडई कार बहुत तेज रफ्तार में थी और ड्राइवर अचानक स्टीयरिंग पर नियंत्रण खो बैठा। कार सड़क से फिसलकर सीधे पुल के नीचे पलट गई, जिससे टक्कर के साथ ही वाहन में तकनीकी खराबी पैदा हो गई।

पलटते ही लगी आग, निकलने का नहीं मिला कोई मौका

कार के पलटते ही संभवतः शॉर्ट सर्किट या फ्यूल लीक के कारण आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर बैठे लोगों को संभलने या बाहर निकलने का एक भी मौका नहीं मिला। धुएं और लपटों ने कुछ ही सेकंड में पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया, और कार में सवार सभी लोग अंदर ही फंस गए। मदद पहुंचने से पहले ही तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी थी।

दमकल की मशक्कत के बाद बुझी आग, अंदर से मिले कंकाल

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। जब जली हुई कार की तलाशी ली गई, तो अंदर से दो लोगों के कंकाल बरामद हुए। यह दृश्य हादसे की भयावहता और आग की तीव्रता को बयां करने के लिए काफी था।

मृतकों की पहचान, शिक्षक थे सभी

पुलिस ने मृतकों की पहचान चौधरी आशा, चौधरी नीता और बरैया प्रयाग के रूप में की है। तीनों पेशे से शिक्षक थे और छोटा उदयपुर के निवासी बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, वे किसी पारिवारिक कार्य से गोंडल आए हुए थे और लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों की तकनीकी पड़ताल की जा रही है।