UGC-NET की 3 परीक्षाएं रद्द होने पर राहुल गांधी का हमला, बोले- गलती NTA की और खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा

UGC-NET की तीन विषयों की परीक्षाएं दोबारा कराए जाने के फैसले को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार तथा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा में हुई गड़बड़ी का असर उन हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ा, जिन्होंने लंबे समय तक तैयारी की थी। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि परीक्षा से पहले पेपर लीक हुए थे या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

किन विषयों की परीक्षाएं फिर होंगी?

NTA ने UGC-NET के इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दोबारा आयोजित करने का फैसला किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इन पेपरों को लेकर फैक्चुअल, टाइपिंग, ट्रांसलेशन और ग्रामर से जुड़ी गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं। NTA ने पेपर में स्पेलिंग और प्रिंटिंग से संबंधित गलतियां भी स्वीकार की हैं।

इन तीनों विषयों की परीक्षाएं सितंबर में दोबारा आयोजित की जाएंगी। इंग्लिश का पेपर 9 सितंबर को सुबह 9 बजे, कॉमर्स की परीक्षा उसी दिन दोपहर 3 बजे और सोशियोलॉजी का पेपर 10 सितंबर को सुबह 9 बजे होगा। दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी।

राहुल गांधी ने NTA पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मामले को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की परीक्षाएं 22 से 30 जून के बीच आयोजित हुई थीं और करीब दो महीने बाद इन्हें रद्द करने का फैसला लिया गया। उनके मुताबिक, गलत पेपर सेट किए जाने और पुराने सवाल दोहराए जाने की वजह से यह कदम उठाना पड़ा।

राहुल गांधी ने कहा कि अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए लंबे समय तक तैयारी की, आवेदन किया, फीस जमा की और कई मामलों में दूर स्थित परीक्षा केंद्रों तक यात्रा की। अब उन्हें दोबारा परीक्षा देने के लिए वही प्रक्रिया करनी होगी। उन्होंने इसे छात्रों के लिए अनुचित स्थिति बताते हुए कहा कि गलती परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी की होती है, लेकिन उसका नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ता है।

'परीक्षा से पहले पेपर लीक हुए थे क्या?'


राहुल गांधी ने अपने बयान में परीक्षा से पहले पेपर लीक होने की आशंका को लेकर भी सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्या परीक्षा से पहले ये प्रश्नपत्र लीक हुए थे। हालांकि, उपलब्ध सामग्री में पेपर लीक होने की पुष्टि नहीं की गई है और राहुल गांधी ने इसे एक सवाल के रूप में उठाया है।

उन्होंने NTA की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े किए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था में बार-बार सामने आने वाली गड़बड़ियों के बावजूद जिम्मेदारी तय नहीं होती। उन्होंने NTA के नेतृत्व की जवाबदेही की मांग की और कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहला कदम था, आखिरी नहीं।
छात्रों से बोले राहुल गांधी- 'हम रुकेंगे नहीं'

राहुल गांधी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसी व्यवस्था बनाई गई है जो परीक्षा सही तरीके से आयोजित नहीं कर पाती और बाद में उसका दोष छात्रों पर डालती है। उन्होंने कहा कि छात्रों के महत्वपूर्ण साल प्रभावित हो रहे हैं और जब तक प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर जवाब नहीं देते, तब तक वह इस मामले को उठाते रहेंगे।

उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए इसे ऐसी व्यवस्था बताया, जो छात्रों से उनके पैसे, समय, मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास की कीमत वसूलती है, लेकिन बदले में पर्याप्त अवसर नहीं देती।

सितंबर में फिर होगी परीक्षा


UGC-NET के तीन विषयों की परीक्षा रद्द होने के बाद अब प्रभावित अभ्यर्थियों को सितंबर में दोबारा परीक्षा देनी होगी। इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के लिए अलग-अलग तारीख और समय तय किए गए हैं। छात्रों के लिए राहत की बात यह है कि दोबारा परीक्षा में शामिल होने के लिए उन्हें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन, प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और NTA से जवाबदेही तय करने की मांग की है।