भूख हड़ताल के 21वें दिन सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले गई दिल्ली पुलिस, प्रदर्शन स्थल कराया खाली

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर से शनिवार सुबह एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के चलते दिल्ली पुलिस अस्पताल लेकर गई। जंतर-मंतर पर तड़के भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई और इसके बाद वांगचुक को वहां से हटाकर चिकित्सा के लिए भेजा गया। पुलिस ने मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को भी प्रदर्शन स्थल से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।

तड़के बढ़ाई गई सुरक्षा, वरिष्ठ अधिकारी रहे मौके पर मौजूद


मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर शाम दिल्ली पुलिस मुख्यालय में नए पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने नई दिल्ली रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक के बाद शनिवार सुबह पुलिस टीम जंतर-मंतर पहुंची और सोनम वांगचुक को वहां से हटाकर अस्पताल ले गई। इस दौरान धरनास्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को भी हटाया गया। मौके पर नई दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा और जॉइंट सीपी दीपक पुरोहित सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे।

20 जुलाई के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हुई कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक, आंदोलनकारियों ने 20 जुलाई को बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। इसी अवधि में संसद का मानसून सत्र भी प्रस्तावित है। ऐसे में माना जा रहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने यह कदम उठाया। वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जब अभिजीत दिपके शौचालय गए हुए थे, उसी दौरान पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सोनम वांगचुक को अपने साथ अस्पताल ले गई। प्रदर्शनकारियों ने यह दावा भी किया कि पुलिसकर्मी डॉक्टरों की वेशभूषा में वांगचुक को लेने पहुंचे थे।
हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए पुलिस ने जारी किया बयान

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें आवश्यक इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने कहा कि न्यायालय के आदेशों का पालन कराने के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास किया, जिससे थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना। हालांकि पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित रखा। साथ ही पुलिस ने जंतर-मंतर पर मौजूद लोगों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन स्थल खाली करने की अपील भी की।

राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कराया गया भर्ती

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे और इस दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट समय-समय पर मेडिकल जांच कराने के निर्देश भी देता रहा था। पुलिस का कहना है कि अदालत के आदेशों के अनुपालन में ही उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल सोनम वांगचुक को राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा था।