77वें गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से मजबूत कर दिया गया है। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस ने 6 संदिग्ध आतंकवादियों के पोस्टर सार्वजनिक किए हैं, जिनमें पहली बार राजधानी से जुड़े एक आतंकी की तस्वीर सामने आई है। यह आतंकी मोहम्मद रेहान बताया जा रहा है, जिसका संबंध अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि मोहम्मद रेहान एक वांटेड आतंकी है और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी।
26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह को देखते हुए राजधानी में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। विभिन्न खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर सुरक्षा इंतजामों को और सख्त किया गया है। पूरे इलाके में आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) जैसी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस दौरान लगभग 10 हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा मोर्चे पर तैनात रहेंगे।
ऊंची इमारतों पर स्नाइपर, आसमान से ड्रोन की निगरानीसुरक्षा को बहुस्तरीय बनाया गया है। एंटी-ड्रोन यूनिट लगातार हवाई निगरानी कर रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। कर्तव्य पथ और आसपास की ऊंची इमारतों पर स्नाइपर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा होटल, गेस्ट हाउस, किराएदारों और घरेलू सहायकों का वेरिफिकेशन अभियान तेज कर दिया गया है। कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने वाले पैदल यात्रियों को कम से कम तीन बार मेटल डिटेक्टर से जांच से गुजरना होगा।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर देवेश कुमार महाला ने बताया, “गणतंत्र दिवस एक पूर्व निर्धारित समय और स्थान पर आयोजित होता है, इसलिए इसके लिए तय सुरक्षा मानक लागू किए गए हैं। कर्तव्य पथ को ध्यान में रखते हुए करीब 10 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। हमने मौके पर अब तक 9 बार ब्रीफिंग और रिहर्सल की है, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।”
कंट्रोल रूम से पल-पल की निगरानीसुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम में लगभग 1,000 कैमरे लगाए गए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फेस रिकग्निशन सिस्टम की मदद से जैसे ही कोई संदिग्ध या आपराधिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति कैमरे में आता है, तुरंत अलर्ट जारी हो जाता है। चोरी के वाहन या संदिग्ध गाड़ियों की पहचान भी इन्हीं कैमरों के जरिए की जा रही है। पुलिस कर्मी चौबीसों घंटे हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि गणतंत्र दिवस समारोह पूरी तरह सुरक्षित, शांतिपूर्ण और गरिमामय ढंग से संपन्न हो सके।