दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली को बंधक नहीं बनने दिया जाएगा और राजधानी के लोगों की शांति, सुरक्षा तथा रोजमर्रा की जिंदगी से किसी भी तरह का समझौता नहीं होने दिया जाएगा। CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। इस कार्यक्रम को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। प्रदर्शन से पहले राजधानी में बड़े स्तर पर प्रशासनिक तैयारियां की गईं। खबर में 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का आदेश जारी किए जाने का भी उल्लेख है। इसी घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदर्शन और विपक्षी नेताओं की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए।
रेखा गुप्ता ने राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर साधा निशानामुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया कि वे CJP के साथ मिलकर दिल्ली को राजनीतिक संघर्ष का अखाड़ा बनाना चाहते हैं। उन्होंने अपने बयान में राहुल गांधी और केजरीवाल को जनता द्वारा खारिज किए गए नेता बताया और कहा कि लगातार चुनावी हार की नाराजगी का असर दिल्ली के लोगों पर नहीं पड़ना चाहिए। रेखा गुप्ता ने सवाल उठाया कि सड़कों पर अव्यवस्था के कारण परेशान होने वाले दिल्लीवासियों की क्या गलती है। उनके मुताबिक, राजनीतिक विरोध के दौरान आम जनता को होने वाली दिक्कतों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में विपक्षी नेताओं की राजनीतिक गतिविधियों और उनके संभावित असर को लेकर आलोचना की।
कर्मचारियों, मजदूरों और मरीजों की परेशानी का उठाया मुद्दामुख्यमंत्री ने प्रदर्शन के कारण आम लोगों को होने वाली संभावित परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि काम पर जाने वाले कर्मचारियों, रोज कमाकर अपने परिवार का खर्च चलाने वाले श्रमिकों और अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की दिक्कतों की जिम्मेदारी कौन लेगा। रेखा गुप्ता ने सवाल किया कि क्या राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं दिल्ली के लाखों परिवारों की रोजी-रोटी, सुरक्षा और शांति से अधिक महत्वपूर्ण हो गई हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर अव्यवस्था का असर उन लोगों पर भी पड़ता है, जिनका राजनीतिक गतिविधियों से कोई सीधा संबंध नहीं है और जिन्हें अपने दैनिक काम पूरे करने के लिए घर से निकलना पड़ता है। मुख्यमंत्री के बयान का मुख्य जोर इसी बात पर रहा कि राजनीतिक विरोध के दौरान आम नागरिकों की आवाजाही और उनकी रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाते हुए दिल्ली में शांति और व्यवस्था बनाए रखने की बात कही।
विकास और प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन का किया जिक्ररेखा गुप्ता ने अपने बयान में दिल्ली के मतदाताओं के जनादेश और विकास के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में मतदान किया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के लगातार तीसरी बार देश का नेतृत्व करने का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता के समर्थन को विपक्षी दल स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने विपक्षी दलों पर परिवारवाद और अवसरवाद की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, जनता का समर्थन मिलने के बाद विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण है, जबकि राजनीतिक विरोध के नाम पर अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
केजरीवाल पर राजनीतिक स्वार्थ का आरोपमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अरविंद केजरीवाल पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल राजनीतिक स्वार्थ के लिए दिल्लीवासियों की शांति और सुरक्षा को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। अपने बयान में उन्होंने केजरीवाल पर खुद को दिल्ली का मालिक समझने की राजनीति करने का आरोप लगाया। रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि दिल्ली को बंधक बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की आड़ में अराजकता फैलाने और जनादेश को चुनौती देने वाली राजनीति का मुकाबला किया जाएगा। CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान दिल्ली में राजनीतिक टकराव को लेकर उनकी सरकार का रुख सामने लाता है। जहां प्रदर्शन की घोषणा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़ी थी, वहीं रेखा गुप्ता ने अपने बयान में राजधानी की व्यवस्था, आम लोगों की परेशानी और विपक्ष की राजनीतिक भूमिका को प्रमुख मुद्दा बनाया।