जब वैश्विक स्तर के टेक विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के दिग्गज एक मंच पर इकट्ठा होते हैं, तो आमतौर पर वक्ताओं की सूची में अनुभवी प्रोफेशनल्स के नाम होते हैं। लेकिन इस बार AI Impact Summit में सबकी नजरें एक ऐसे नाम पर टिकी हैं, जिसकी उम्र महज 8 साल है। रणवीर सिंह सचदेवा इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के सबसे कम उम्र के कीनोट स्पीकर के रूप में चर्चा के केंद्र में हैं।
चाइल्ड प्रोडिजी, टेक्नोलॉजिस्ट और ग्लोबल ऑथर के रूप में पहचान बना चुके रणवीर इस मंच से प्राचीन भारतीय दर्शन और आधुनिक तकनीक के संगम पर अपने विचार रखेंगे। इससे पहले भी वे कई एआई और टेक्नोलॉजी से जुड़े वैश्विक कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं।
समिट में क्या होगा रणवीर का फोकस?AI Impact Summit में रणवीर ने खुद को सबसे युवा कीनोट स्पीकर बताते हुए कहा कि वे अपने संबोधन में भारतीय ज्ञान परंपरा और मॉडर्न आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बीच संबंधों को रेखांकित करेंगे। उनका मानना है कि एआई केवल तकनीकी विकास का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव का भी सशक्त उपकरण बन सकता है।
वे विभिन्न देशों द्वारा विकसित किए जा रहे एआई मॉडल्स की कार्यशैली पर भी अपने विचार साझा करेंगे और बताएंगे कि भारत किस तरह एक अलग और समावेशी दृष्टिकोण के साथ एआई इकोसिस्टम को आगे बढ़ा सकता है। रणवीर अपने भारतीय एआई मॉडल के संभावित उपयोगों को भी प्रस्तुत करेंगे और समझाएंगे कि यह देश की जीडीपी वृद्धि तथा एआई साक्षरता को बढ़ाने में कैसे योगदान दे सकता है।
कौन हैं रणवीर सिंह सचदेवा?2017 में जन्मे रणवीर सिंह सचदेवा ने बहुत कम उम्र में तकनीक की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली है। वे सिर्फ टेक्नोलॉजिस्ट ही नहीं, बल्कि एक ग्लोबल ऑथर और TEDx स्पीकर भी रह चुके हैं। AI Impact Summit से पहले वे “AI for Good” जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंचों पर भी अपनी बात रख चुके हैं।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेते हुए इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) के एम्बेसेडर के रूप में भी प्रतिनिधित्व किया है। इसके अलावा वे कई अन्य टेक संगठनों से भी जुड़े रहे हैं और युवाओं के बीच डिजिटल जागरूकता फैलाने का काम कर चुके हैं।
सरकार और वैश्विक मंचों पर उपस्थितिजुलाई 2025 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने रणवीर को एआई और डिजिटल तकनीक पर युवाओं तथा प्रतिनिधियों को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया था। यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी, क्योंकि इतनी कम उम्र में किसी बच्चे को नीति और तकनीक जैसे गंभीर विषय पर बोलने का अवसर मिलना असाधारण माना जाता है।
सितंबर 2024 में, महज 6 वर्ष की आयु में, रणवीर ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित जनरल असेंबली सत्र में भाग लिया। वे उस सत्र में शामिल होने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के प्रतिभागियों में से एक रहे। इसके अलावा, वे AI for Good Global Summit में भी सबसे युवा कीनोट स्पीकर के रूप में मंच पर नजर आ चुके हैं।
Apple से जुड़ा खास संबंधरणवीर की उपलब्धियां यहीं तक सीमित नहीं हैं। 2023 में, जब उनकी उम्र सिर्फ 5 साल थी, तब वे Apple Swift प्रोग्रामिंग सीखने और उसमें दक्षता हासिल करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के प्रोग्रामर बने।
उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर एप्पल के सीईओ टिम कुक ने उन्हें 2023 में आयोजित WWDC (Worldwide Developers Conference) में भाग लेने के लिए कैलिफोर्निया स्थित एप्पल मुख्यालय में आमंत्रित किया था। यह निमंत्रण किसी भी टेक उत्साही के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है, और इतनी कम उम्र में यह सम्मान मिलना अपने आप में ऐतिहासिक है।
नई पीढ़ी का टेक चेहरारणवीर सिंह सचदेवा सिर्फ एक बाल वक्ता नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के उस आत्मविश्वास का प्रतीक हैं, जो तकनीक को केवल उपभोक्ता के रूप में नहीं, बल्कि निर्माता और नवोन्मेषक के रूप में देखती है। AI Impact Summit में उनका संबोधन इस बात का संकेत है कि भविष्य की टेक्नोलॉजी चर्चा में उम्र नहीं, बल्कि विचार और दृष्टिकोण मायने रखते हैं।