मोजतबा खामेनेई पर 92 करोड़ से ज्यादा का इनाम घोषित, मुखबिरों को अमेरिका में बसने का ऑफर

ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei को लेकर अमेरिका ने बड़ा ऐलान किया है। अमेरिकी सरकार ने उनके और Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों के बारे में अहम जानकारी देने वालों के लिए भारी इनाम की घोषणा की है। जानकारी देने वाले को 10 मिलियन डॉलर यानी मौजूदा विनिमय दर के हिसाब से करीब 92.47 करोड़ रुपये तक की राशि दी जा सकती है।

‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के तहत घोषणा

यह घोषणा अमेरिकी विदेश विभाग के प्रसिद्ध कार्यक्रम Rewards for Justice Program के माध्यम से की गई है। इस पहल का संचालन राजनयिक सुरक्षा सेवा (Diplomatic Security Service) करती है। इस योजना के तहत उन लोगों को इनाम दिया जाता है जो वैश्विक सुरक्षा से जुड़े खतरों या संदिग्ध गतिविधियों के बारे में विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराते हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, यह इनाम खास तौर पर उन व्यक्तियों के लिए रखा गया है जो Mojtaba Khamenei या आईआरजीसी से जुड़े शीर्ष अधिकारियों के बारे में ठोस और उपयोगी सूचना देंगे।

वैश्विक गतिविधियों में भूमिका का आरोप

‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जिन लोगों को निशाना बनाया गया है, वे आईआरजीसी के उन विभिन्न नेटवर्क और इकाइयों से जुड़े हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई गतिविधियों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल रहे हैं। अमेरिका का मानना है कि ये नेटवर्क वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
सूचना देने वालों को सुरक्षा और गोपनीयता

इस कार्यक्रम के तहत जानकारी देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षा के विशेष इंतजाम भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इतना ही नहीं, सूचना देने वाले को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरण और अमेरिका में बसने का अवसर भी मिल सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम ईरान के सैन्य और रणनीतिक नेतृत्व पर दबाव बढ़ाने की अमेरिकी नीति का हिस्सा है।

बढ़ते तनाव के बीच आया फैसला


यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब United States और Israel ईरान के खिलाफ अपने हवाई अभियानों को और तेज कर रहे हैं। यह सैन्य अभियान अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है।

इसी बीच Donald Trump ने शुक्रवार को प्रसारित एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिकी सेना आने वाले दिनों में ईरान से जुड़े ठिकानों पर और भी “कड़े” हमले कर सकती है। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।