CJP प्रदर्शन के बीच विपक्ष का सरकार पर दबाव, राहुल गांधी ने कहा- ‘यह सरकार जाएगी’

दिल्ली में CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर पुलिस की कार्रवाई और विपक्ष के विरोध के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चेन्नई के लिए रवाना हो गए। वहां उन्हें छात्रों के ‘गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होना है। दिल्ली छोड़ने से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, “ज्ञानेश कुमार जाएंगे। यह सरकार जाएगी। फिर लोकतंत्र को दुरुस्त करने का काम शुरू होगा।” राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया, जब जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी और प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश कर रहे कुछ समर्थकों को हिरासत में लिया गया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को भी दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।

चेन्नई रवाना होने से पहले राहुल गांधी का केंद्र पर हमला

राहुल गांधी ने अपनी एक्स पोस्ट में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ केंद्र सरकार को भी निशाने पर रखा। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के जाने और सरकार के हटने के बाद लोकतंत्र को दुरुस्त करने का काम शुरू होगा। उनके बयान में चुनाव व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष की चिंताओं का मुद्दा प्रमुख रहा। राहुल गांधी चेन्नई में छात्रों के ‘गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं। उनके दिल्ली से रवाना होने के दौरान राजधानी में CJP प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां जारी थीं। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई के बीच राहुल गांधी की पोस्ट सामने आई, जिसमें उन्होंने मौजूदा सरकार के भविष्य को लेकर अपना राजनीतिक दावा दोहराया।

संसद के सेंट्रल हॉल में दिए भाषण की वीडियो क्लिप भी साझा की

राहुल गांधी ने एक्स पर केवल लिखित संदेश ही साझा नहीं किया, बल्कि संसद के सेंट्रल हॉल में ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों के बीच दिए गए अपने भाषण की एक वीडियो क्लिप भी पोस्ट की। इस भाषण में उन्होंने कहा था कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से भी अधिक गंभीर समस्या मौजूद है और उसका समाधान मौजूदा सरकार को हटाने से जुड़ा है। राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों से कहा था कि पिछले कुछ दिनों में विपक्ष की ओर से किए गए प्रदर्शनों ने सरकार की नींव हिला दी है और सरकार दबाव में है। उन्होंने इस संघर्ष को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा था कि इसके लिए संघर्ष करना और जरूरत पड़ने पर जान देना भी सार्थक है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने विपक्षी एकजुटता पर भरोसा जताते हुए दावा किया था कि यदि विपक्ष पिछले तीन-चार दिनों की तरह अपना दबाव बनाए रखता है, तो सरकार गिर जाएगी। उन्होंने अपने बयान में कहा था, “यदि हम पिछले तीन-चार दिनों की तरह अपना दबाव बनाए रखते हैं, तो मैं गारंटी देता हूं कि यह सरकार गिर जाएगी।” यह राहुल गांधी का राजनीतिक दावा है; सरकार के गिरने को लेकर कोई निर्णय या पुष्टि इस बयान में नहीं दी गई है।
SIR को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर आपत्तियों की खबर का भी जिक्र
राहुल गांधी और विपक्ष के आक्रामक रुख के बीच निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर भी चर्चा जारी है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए खबर में कहा गया कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित रूप से आपत्तियां दर्ज कराई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर आपत्तियां मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों को लेकर थीं। यह रिपोर्ट ऐसे समय चर्चा में आई, जब विपक्ष मतदाता सूचियों और चुनावों की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहा है। राहुल गांधी ने अपने भाषण में भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त के मुद्दे को व्यापक समस्या का हिस्सा बताते हुए सरकार को हटाने की जरूरत पर जोर दिया था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिला था विपक्षी प्रतिनिधिमंडल

इससे पहले शुक्रवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य संविधान सदन के सेंट्रल हॉल से सीधे राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे। इस मुलाकात में विपक्ष ने वोट चोरी के आरोपों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी और विपक्षी दलों की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच राजनीतिक टकराव का मुद्दा फिर चर्चा में रहा।

जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन और नेताओं की हिरासत

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद पार्टी के कुछ समर्थकों ने प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को भी दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। इन घटनाओं के बीच राहुल गांधी दिल्ली से चेन्नई रवाना हुए और उन्होंने एक्स पर केंद्र सरकार तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। राहुल गांधी के बयान और विपक्ष की हालिया गतिविधियों से साफ है कि चुनावी निष्पक्षता, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य निर्वाचन आयुक्त की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। राहुल गांधी ने जहां सरकार पर दबाव बनाए रखने की बात कही, वहीं विपक्षी प्रतिनिधिमंडल पहले ही राष्ट्रपति के सामने वोट चोरी और ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दे उठा चुका है।