पूर्व क्रिकेटर और वरिष्ठ नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। एक पॉडकास्ट बातचीत में उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई होने की आशंका थी और इसी संभावित दबाव से बचने के लिए प्रियंका चोपड़ा ने कथित तौर पर उनकी मदद की थी। उनके अनुसार, इसी सलाह के बाद राघव चड्ढा ने भाजपा का रुख किया, ताकि किसी भी तरह की जांच कार्रवाई से बचा जा सके।
नवजोत कौर सिद्धू ने यह भी कहा कि उन्हें पहले से ही अंदाजा हो गया था कि राघव चड्ढा पार्टी बदल सकते हैं। उन्होंने बताया कि जब राघव ने अचानक राजनीतिक मामलों पर बोलना बंद कर दिया था, तभी यह संकेत मिलने लगे थे कि कुछ बड़ा बदलाव होने वाला है। उनके अनुसार, उस समय यह चर्चा भी तेज हो गई थी कि उन पर ईडी की कार्रवाई हो सकती है, जिसके चलते राजनीतिक समीकरण बदल गए।
परिणीति चोपड़ा के जरिए प्रियंका चोपड़ा की भूमिका का दावानवजोत कौर ने आगे दावा किया कि इस पूरे मामले में परिणीति चोपड़ा के माध्यम से प्रियंका चोपड़ा की भूमिका सामने आई। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर राघव चड्ढा को सलाह दी गई कि वे भाजपा में शामिल हो जाएं, जिससे संभावित जांच या कार्रवाई से राहत मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं का दबाव भी उन पर बढ़ रहा था और ऐसे हालात में उनके लिए एक ही विकल्प बचा था। नवजोत कौर के अनुसार, अंततः उन्होंने उसी दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने केंद्र सरकार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके पास राजनीतिक रूप से प्रभाव डालने के कई साधन हैं।
गौरतलब है कि नवजोत कौर सिद्धू कुछ समय पहले कांग्रेस से अलग हो चुकी हैं। पार्टी नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवालों पर उन्होंने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा और प्रियंका गांधी की कार्यशैली की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से संपर्क करना बेहद कठिन है, जबकि प्रियंका गांधी कार्यकर्ताओं की बात सुनती हैं और जवाब भी देती हैं।
कांग्रेस नेतृत्व पर टिप्पणी, प्रियंका की तारीफ लेकिन राहुल पर सवालनवजोत कौर ने कहा कि प्रियंका वाड्रा से बातचीत करना अपेक्षाकृत आसान है और वह नेताओं व कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनती हैं। उन्होंने कहा कि अगर प्रियंका गांधी को कॉल किया जाए और वह रिसीव न कर सकें, तो वे खुद वापस कॉल करती हैं।
इसके उलट उन्होंने राहुल गांधी को लेकर कहा कि उनसे संवाद स्थापित करना कठिन है और वे समय नहीं दे पाते। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन में वास्तविक निर्णय लेने की शक्ति राहुल गांधी के पास है। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली की भी सराहना की और कहा कि उन्हें पार्टी से अपेक्षा से अधिक सहयोग मिला। उन्होंने एक अनुभव साझा करते हुए कहा कि अस्पताल से लौटने के बाद उन्हें बताया गया कि पार्टी ने सर्वे के आधार पर उन्हें टिकट देने का निर्णय लिया है।
अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान पर भी तीखे आरोपइस बातचीत में नवजोत कौर ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब उनकी केजरीवाल से मुलाकात हुई थी, तब उनका व्यवहार उन्हें नकारात्मक और असुरक्षित लगा। उनके अनुसार, केजरीवाल एक ऐसे व्यक्ति हैं जो असुरक्षा और डर के प्रभाव में निर्णय लेते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले उन्हें पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया था और मुख्यमंत्री पद तक का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदल गईं। वहीं भगवंत मान को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि वह अपनी ही पार्टी के विधायकों से दूरी बनाए रखते हैं और उनसे नियमित संवाद नहीं करते।