फुकेट से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में मंगलवार को अचानक आए तेज टर्बुलेंस ने विमान में सवार यात्रियों और क्रू मेंबर्स को हिला कर रख दिया। उड़ान के दौरान कुछ समय के लिए विमान को हवा में तेज झटकों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते कई यात्री और चालक दल के सदस्य घायल हो गए। दिल्ली पहुंचने के बाद कुछ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अब इस घटना की जांच के बीच पायलटों के डोप टेस्ट को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट के एक पायलट का डोप टेस्ट कथित तौर पर पॉजिटिव आया है। इसके बाद संबंधित पायलट को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है। वहीं, विमान की ऊंचाई में अचानक आई गिरावट की जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को भी ड्यूटी से दूर रखा गया है।
हालांकि, एयर इंडिया ने अभी तक पायलट के डोप टेस्ट के पॉजिटिव परिणाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एयरलाइन का कहना है कि उड़ान के बाद नियमों के तहत दोनों पायलटों के टेस्ट कराए गए थे, लेकिन इन जांचों की रिपोर्ट अभी तक एयर इंडिया के पास आधिकारिक रूप से साझा नहीं की गई है। ऐसे में एयरलाइन ने टेस्ट के नतीजे पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है।
एयर इंडिया ने डोप टेस्ट पर क्या कहा?एयर इंडिया के मुताबिक, विमानन नियमों के तहत उसके चालक दल के सदस्यों का नियमित रूप से ड्रग और साइकोएक्टिव पदार्थों से संबंधित परीक्षण किया जाता है। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में संबंधित जांच एजेंसियों और अधिकारियों के साथ वह आवश्यक सहयोग करेगी।
एयरलाइन की ओर से आधिकारिक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने की वजह से फिलहाल पायलट के डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने की जानकारी को केवल सूत्रों के दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है। जांच पूरी होने और संबंधित रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
ओडिशा के पास विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आयादरअसल, एयर इंडिया की एयरबस A320 फ्लाइट में करीब 145 यात्री सवार थे। विमान फुकेट से दिल्ली की ओर आ रहा था। यात्रा के दौरान ओडिशा के आसपास विमान को अचानक तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा।
इस दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक करीब 300 फीट की गिरावट दर्ज की गई। तेज झटकों के कारण विमान के भीतर मौजूद कुछ यात्री और क्रू मेंबर्स घायल हो गए। घटना के बाद विमान को सुरक्षित तरीके से दिल्ली पहुंचाया गया।
टर्बुलेंस की घटना के बाद अब जांच एजेंसियां कई पहलुओं पर गौर कर रही हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि अचानक आई परिस्थितियों के दौरान विमान को संभालने के लिए पायलटों की प्रतिक्रिया और कार्रवाई निर्धारित विमानन प्रक्रियाओं के अनुरूप थी या नहीं।
13 यात्रियों और 4 क्रू मेंबर्स को अस्पताल ले जाया गयाफ्लाइट के दिल्ली पहुंचने के बाद कुल 13 यात्रियों और 4 क्रू मेंबर्स को अस्पताल में भर्ती कराया गया। टर्बुलेंस के दौरान उन्हें चोटें आने की जानकारी सामने आई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए विमानन नियामक DGCA भी पूरे मामले की जांच कर रहा है।
जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विमान जिस तेज टर्बुलेंस में फंसा, उसके पीछे मौसम संबंधी परिस्थितियां थीं या कोई अन्य कारण। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि उस समय पायलटों ने विमान की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए किस तरह की कार्रवाई की।
जांच केवल मौसम और पायलटों की भूमिका तक सीमित नहीं है। विमान की तकनीकी स्थिति की भी जांच की जा रही है। DGCA यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि अचानक ऊंचाई कम होने के दौरान विमान के किसी सिस्टम में तकनीकी समस्या तो नहीं आई थी।
हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी की भी जांचविमान के अचानक नीचे आने की घटना को देखते हुए तकनीकी पहलू भी जांच के केंद्र में हैं। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या विमान में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी, विशेष रूप से हाइड्रोलिक सिस्टम से जुड़ी कोई समस्या, इस घटना के दौरान सामने आई थी।
इसके अलावा जांच में एक और अहम सवाल उठाया जा रहा है कि घटना के बाद विमान को दिल्ली तक ले जाना उचित निर्णय था या नहीं। क्या ऐसी स्थिति में विमान को वाराणसी, लखनऊ या किसी अन्य नजदीकी एयरपोर्ट पर उतारना अधिक सुरक्षित विकल्प होता, इस पहलू को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि विमान को दिल्ली तक ले जाने का फैसला परिस्थितियों के लिहाज से सही था या उस समय किसी वैकल्पिक एयरपोर्ट पर लैंडिंग की जरूरत थी।
जांच पूरी होने तक पूरा क्रू उड़ान ड्यूटी से बाहरमामले की जांच पूरी होने तक संबंधित फ्लाइट के पूरे क्रू को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है। इसका मतलब है कि इस घटना में शामिल दोनों पायलट फिलहाल किसी भी विमान को उड़ाने की ड्यूटी नहीं कर रहे हैं।
पायलटों को ड्यूटी से हटाने का फैसला जांच प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि घटना की निष्पक्ष जांच की जा सके और संबंधित क्रू की भूमिका का आकलन किया जा सके। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
पॉजिटिव डोप टेस्ट पर क्या हैं नियम?DGCA के नियमों के अनुसार, यदि कोई पायलट पहली बार नशीले पदार्थ या साइकोएक्टिव सब्सटेंस के सेवन से संबंधित टेस्ट में पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे सीधे उड़ान ड्यूटी पर वापस आने की अनुमति नहीं दी जाती। ऐसे मामले में संबंधित पायलट को निर्धारित डी-एडिक्शन और रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
इसके बाद दोबारा डोप टेस्ट कराया जाता है। नियमों के तहत उड़ान ड्यूटी पर लौटने के लिए टेस्ट का नेगेटिव आना जरूरी होता है। इसलिए यदि सूत्रों द्वारा बताई जा रही रिपोर्ट आधिकारिक तौर पर सही साबित होती है, तो संबंधित पायलट की उड़ान ड्यूटी पर वापसी नियामकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संभव होगी।
फिलहाल एयर इंडिया की ओर से डोप टेस्ट के कथित पॉजिटिव परिणाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही निकाला जा सकेगा। इस घटना ने एक बार फिर विमान में टर्बुलेंस के दौरान सुरक्षा प्रक्रियाओं, पायलटों की फिटनेस और विमान की तकनीकी स्थिति से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को सामने ला दिया है।