अजमेर नगर निगम में मेयर पद के चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। बीजेपी ने अनामिका शर्मा को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस की ओर से किरण गढ़वाल मेयर पद की उम्मीदवार हैं। दोनों प्रत्याशियों ने बुधवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया। अजमेर नगर निगम का मेयर पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है और दोनों उम्मीदवार ऐसे वार्डों से पार्षद चुनी गई हैं जो सामान्य महिला के लिए आरक्षित हैं।
नगर निगम के 80 वार्डों के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद मेयर चुनाव के लिए पार्षदों का गणित भी सामने है। कांग्रेस ने 37 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि बीजेपी के खाते में 32 वार्ड आए हैं। इसके अलावा 11 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव जीतकर नगर निगम पहुंचे हैं। 80 सदस्यीय निगम में बहुमत का आंकड़ा 41 है, इसलिए दोनों प्रमुख दलों के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है।
वार्ड 57 से जीतीं कांग्रेस की किरण गढ़वालकांग्रेस की मेयर प्रत्याशी किरण गढ़वाल वार्ड 57 से पार्षद निर्वाचित हुई हैं। चुनाव में उन्होंने बीजेपी की नीतू सिंह को 284 मतों के अंतर से हराया था। किरण गढ़वाल स्नातक हैं और गृहिणी हैं। उनके पति लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय बताए गए हैं।
नामांकन के दौरान कांग्रेस के शहर जिला अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल खुद वाहन चलाकर किरण गढ़वाल को नगर निगम लेकर पहुंचे। निगम परिसर पहुंचने के बाद किरण गढ़वाल ने नगर निगम की चौखट को नमन किया और परिसर में स्थापित भगवान गणपति के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने मेयर पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया।
बीजेपी ने अनामिका शर्मा को बनाया प्रत्याशीबीजेपी ने मेयर पद के लिए अनामिका शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। अनामिका शर्मा अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से पार्षद चुनी गई हैं, जबकि किरण गढ़वाल अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुई हैं। इस तरह मेयर चुनाव में दोनों विधानसभा क्षेत्रों से चुनी गई महिला पार्षद आमने-सामने हैं।
अनामिका शर्मा सामान्य वर्ग से आती हैं, जबकि कांग्रेस की प्रत्याशी किरण गढ़वाल ओबीसी वर्ग से हैं। हालांकि मेयर पद के लिए आरक्षण सामान्य महिला का है और दोनों प्रत्याशी इस आरक्षित श्रेणी के वार्ड से चुनाव जीतकर निगम में पहुंची हैं।
11 निर्दलीय पार्षदों पर नजरमेयर चुनाव का सबसे अहम पहलू निगम में किसी भी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलना है। कांग्रेस के पास 37 और बीजेपी के पास 32 पार्षद हैं, जबकि 11 निर्दलीय पार्षदों ने जीत दर्ज की है। बहुमत के लिए 41 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में दोनों दलों को अपने पक्ष में बहुमत का आंकड़ा जुटाने के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी।
कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने दावा किया है कि जीते हुए सभी निर्दलीय पार्षद कांग्रेस के साथ हैं और कांग्रेस नगर निगम में बोर्ड बनाएगी। यह कांग्रेस का राजनीतिक दावा है और निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की अंतिम स्थिति मेयर चुनाव की प्रक्रिया में स्पष्ट होगी।
मेयर पद के लिए प्रत्याशियों के नामांकन के साथ अब दोनों दलों के सामने पार्षदों का समर्थन जुटाने का सवाल है। 37 और 32 पार्षदों के साथ कांग्रेस और बीजेपी दोनों बहुमत के आंकड़े से नीचे हैं, जबकि 11 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन इस गणित में महत्वपूर्ण है।
उदयपुर में भी बीजेपी ने घोषित किया मेयर प्रत्याशीउदयपुर नगर निगम के मेयर चुनाव को लेकर भी बीजेपी ने अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया है। बीजेपी ने पारस सिंघवी को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया है। पारस सिंघवी ने भी अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।
इस तरह अजमेर में बीजेपी की अनामिका शर्मा और कांग्रेस की किरण गढ़वाल के बीच मेयर पद के लिए मुकाबला होगा। नगर निगम में किसी भी दल के पास 41 पार्षदों का आंकड़ा नहीं होने के कारण चुनाव से पहले समर्थन का गणित अहम बना हुआ है।