जयपुर में 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते पुलिस निरीक्षक गिरफ्तार, लॉकर से 5.25 किलो चांदी और 20 तोला सोना मिला

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जयपुर ग्रामीण के सांभरलेक थानाधिकारी और पुलिस निरीक्षक राममिलन मीणा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ट्रैप कार्रवाई के बाद एसीबी ने आरोपी से जुड़े ठिकानों और बैंक लॉकरों की भी तलाशी ली। इन तलाशी कार्रवाइयों में नकदी, वाहन और कीमती आभूषण मिले हैं।

एसीबी की जानकारी के मुताबिक, राममिलन मीणा को 13 सितंबर 2026 को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। कार्रवाई के बाद उसी दिन सांभरलेक थाना परिसर में स्थित उनके सरकारी क्वार्टर की तलाशी ली गई। यहां से 50 हजार रुपये नकद मिले। इसके अलावा आरोपी के नाम पर पंजीकृत ग्रैंड विटारा वाहन भी सामने आया।

जयपुर स्थित आवास की भी तलाशी

सरकारी क्वार्टर की तलाशी के बाद एसीबी ने जयपुर के जगतपुरा स्थित महादेव नगर में आरोपी के आवास की भी तलाशी ली। एसीबी के अनुसार, वहां मौजूद विला आरोपी राममिलन मीणा के नाम पर पाया गया।

जांच के दौरान एसीबी को आरोपी और उसके पिता के नाम से दो संयुक्त बैंक लॉकर होने की जानकारी भी मिली। इनमें से एक लॉकर बैंक ऑफ इंडिया की एमआई रोड, जयपुर शाखा में और दूसरा भारतीय स्टेट बैंक की मंडावरी, दौसा शाखा में बताया गया है।
लॉकरों में मिली 5.25 किलो चांदी और 20 तोला सोना

दोनों बैंक लॉकरों की तलाशी के दौरान एसीबी को करीब 5.25 किलो चांदी मिली। इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 12.50 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा करीब 20 तोला सोने के आभूषण भी बरामद हुए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 29 लाख रुपये आंकी गई है।

इस तरह दोनों लॉकरों से बरामद सोने और चांदी की अनुमानित कीमत करीब 41.50 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा सरकारी क्वार्टर से मिली 50 हजार रुपये की नकदी और सामने आई अन्य संपत्तियों व दस्तावेजों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

संपत्ति के स्रोत की जांच करेगी एसीबी

एसीबी अब तलाशी के दौरान मिली संपत्ति, दस्तावेजों और अन्य परिसंपत्तियों के स्रोत तथा स्वामित्व की जांच करेगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि बरामद संपत्ति और कीमती सामान आरोपी की ज्ञात आय के स्रोतों से संबंधित हैं या नहीं।

रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद आरोपी पुलिस निरीक्षक से जुड़ी संपत्तियों की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।