त्रिपुरा की रहने वाली होनहार छात्रा स्नेहा देबनाथ बीते 7 जुलाई से दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज से लापता है। इस घटना ने न सिर्फ उसके परिवार की नींदें उड़ा दी हैं, बल्कि दिल्ली से त्रिपुरा तक हर किसी को बेचैन कर दिया है। एक ओर दिल्ली पुलिस की टीमें दिन-रात एक कर स्नेहा की तलाश में जुटी हुई हैं, वहीं दूसरी तरफ त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने भी पुलिस को तत्काल और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। टीवी9 भारतवर्ष की रिपोर्ट के अनुसार, स्नेहा की बहन बिपाशा ने कुछ बेहद अहम जानकारियां साझा की हैं, जो हर किसी को चिंता में डाल देती हैं।
बिपाशा ने बताया कि 7 जुलाई की सुबह स्नेहा ने अपने परिवार को कहा था कि वह अपनी दोस्त पिटूनिया को स्टेशन छोड़ने जा रही है। लेकिन वो घर लौटी ही नहीं। एक अन्य दोस्त से बातचीत में चौंकाने वाली बात सामने आई—स्नेहा कह रही थी कि वह ब्रिज से कूदने वाली है। यह सुनकर परिवार के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। साथ ही घर पर एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसने चिंता को और गहरा कर दिया। हालांकि, परिवार को यकीन है कि स्नेहा खुदकुशी नहीं कर सकती।
मैं फेल हो गई हूं…स्नेहा द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में लिखा था—मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं फेल हो गई हूं, इसलिए मैंने अपनी ज़िंदगी खत्म करने का फैसला लिया है। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है...
बिपाशा ने बताया कि स्नेहा न सिर्फ पढ़ाई में तेज थी, बल्कि बेहद महत्वाकांक्षी भी थी। वह दिल्ली यूनिवर्सिटी के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज से मैथ ऑनर्स कर रही थी और साथ ही आईआईटी मद्रास से डिप्लोमा कोर्स भी कर रही थी। इतना मेहनती और जुझारू स्वभाव रखने वाली लड़की खुदकुशी कैसे कर सकती है—परिवार यह मानने को तैयार नहीं।
सुबह 5:15 पर निकली स्नेहा और फिर… सन्नाटा7 जुलाई की सुबह, करीब 5:15 बजे, स्नेहा ने अपनी मां को बताया कि वह दोस्त को सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रही है, जिसकी ट्रेन 6:45 बजे थी। स्नेहा एक काले रंग की हुंडई ऑरा कैब में बैठी और निकल गई। स्नेहा की मां ने सतर्कता दिखाते हुए कार की नंबर प्लेट और ड्राइवर का मोबाइल नंबर नोट कर लिया था। 5:56 बजे आखिरी बार स्नेहा से बात हुई, जिसमें उसने बताया कि वह स्टेशन पहुंच गई है और पेमेंट कर रही है। लेकिन जब 8:45 बजे फिर कॉल किया गया, तो उसका फोन स्विच ऑफ था।
ड्राइवर ने कहा- सिग्नेचर ब्रिज पर छोड़ाजब परिजनों ने पिटूनिया से पूछा, तो उसने बताया कि स्नेहा कभी उसके पास पहुंची ही नहीं। परिवार में घबराहट का माहौल बन गया। उन्होंने फौरन कैब ड्राइवर से संपर्क किया, जिसने कहा कि उसने स्नेहा को सिग्नेचर ब्रिज पर ड्रॉप किया था—वही उसकी डेस्टिनेशन थी। जब परिजन ब्रिज पर पहुंचे और लोगों से पूछताछ की, तो कोई भी स्नेहा के बारे में कुछ नहीं बता सका।
7 दिन बीते, परिजन बेसब्र… पुलिस अब भी खाली हाथपरिजनों का कहना है कि उस समय ब्रिज पर लगे CCTV कैमरे खराब थे। दो दिन बाद महरौली थाने में एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग पुलिस को हाथ नहीं लगा है।
7 दिन बीत चुके हैं, और पुलिस अब भी स्नेहा की आखिरी लोकेशन—सिग्नेचर ब्रिज के आसपास ही जांच में जुटी है। हर बीतता दिन परिवार की बेचैनी को बढ़ा रहा है, और पूरे देश की निगाहें अब सिर्फ एक सवाल पर टिक गई हैं—आखिर स्नेहा कहां गई?