संसद के मॉनसून सत्र में जारी गतिरोध को लेकर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष बहस से बच रहा है। रिजिजू ने कहा कि संसद का मूल उद्देश्य चर्चा और सार्थक बहस करना है, ऐसे में कार्यवाही के दौरान लगातार नारेबाजी और विरोध लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है।
‘सरकार जवाब देने के लिए तैयार, विपक्ष चर्चा से पीछे हट रहा’पत्रकारों से बातचीत में किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह समझ से परे है कि जब सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार है, तब विपक्ष बहस में हिस्सा लेने से पीछे हट रहा है।
रिजिजू ने कहा, मैं वास्तव में निराश हूं कि विपक्ष संसद में बहसों से भाग रहा है। संसदीय लोकतंत्र में यह अकल्पनीय है कि सरकार पूरी तरह से चर्चा के लिए जोर दे रही है और जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा नहीं करना चाहता।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर संसद में मुद्दों पर चर्चा नहीं होगी तो लोकतांत्रिक व्यवस्था कैसे आगे बढ़ेगी। संसदीय कार्य मंत्री ने कांग्रेस समेत विपक्षी सांसदों पर नारेबाजी करने, तख्तियां दिखाने और अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए।
उनका कहना था कि विपक्ष को यह समझना चाहिए कि संसद केवल विरोध दर्ज कराने की जगह नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और जवाब मांगने का मंच भी है।
अमित शाह के पत्र पर रिजिजू ने दी सफाईमॉनसून सत्र के समापन से एक दिन पहले गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा था। इस पत्र को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर भी रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखा।
रिजिजू के मुताबिक, गृह मंत्री को लोकसभा अध्यक्ष को पत्र इसलिए लिखना पड़ा क्योंकि विपक्ष की ओर से सदन की कार्यवाही लगातार बाधित की जा रही थी। अमित शाह ने अपने पत्र में कहा था कि सरकार छात्र आंदोलनों और NEET पेपर लीक से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है।
गृह मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष से विपक्ष के साथ विचार-विमर्श करके चर्चा का समय निर्धारित करने का आग्रह किया था। साथ ही उन्होंने इस विषय पर आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त समय देने की बात कही थी।
NEET और छात्र मुद्दों पर सरकार की चर्चा की तैयारी का दावारिजिजू ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार सत्र की शुरुआत से ही NEET पेपर लीक और छात्रों से संबंधित मुद्दों पर सदन में जवाब देने के लिए तैयार रही है।
उन्होंने विपक्ष के विरोध के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, ताकि सरकार अपना पक्ष रख सके और विपक्ष भी अपनी बात सदन के सामने रख सके।
मॉनसून सत्र के दौरान इन मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिला है। इसी बीच रिजिजू के बयान ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार होने का दावा कर रही है, जबकि वह विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने और बहस से पीछे हटने का आरोप लगा रही है।