लोकसभा चुनाव के बाद बने नए राजनीतिक हालात और क्षेत्रीय दलों के बदलते समीकरणों के बीच आज दिल्ली में INDIA गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी और तमिलनाडु में डीएमके की हालिया राजनीतिक स्थिति को लेकर बने माहौल के बीच यह बैठक और भी अहम मानी जा रही है। दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में होने वाली इस बैठक में लगभग 23 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करने पर चर्चा की जाएगी।
शीर्ष विपक्षी नेता रहेंगे मौजूदइस बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस की ओर से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव और शिवसेना (यूबीटी) के उद्धव ठाकरे समेत कई प्रमुख विपक्षी नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी चुनावों को लेकर विपक्षी एकता को मजबूत करना और राष्ट्रीय स्तर पर साझा रणनीति बनाना बताया जा रहा है।
कांग्रेस का दावा—INDIA गठबंधन एकजुटकांग्रेस नेता जयराम रमेश ने जानकारी दी कि कुल 23 राजनीतिक दलों ने इस बैठक में अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन अपनी विविधताओं के बावजूद एकजुटता बनाए हुए है। हालांकि कुछ दलों ने अपने आंतरिक कारणों के चलते बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है।
उन्होंने बताया कि 8 जून को दोपहर 12 बजे नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में होने वाली इस ‘INDIA जनबंधन’ बैठक में विभिन्न दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। इसी बीच यह भी चर्चा है कि एमके स्टालिन की डीएमके और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी इस बैठक से दूरी बना सकती है, जबकि टीवीके के गठबंधन में शामिल होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
AAP और DMK की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषयसूत्रों के अनुसार, आम आदमी पार्टी पहले ही INDIA गठबंधन से अपने अलग रुख के संकेत दे चुकी है। वहीं तमिलनाडु में राजनीतिक हालात और कांग्रेस-डीएमके संबंधों में आए तनाव के चलते डीएमके ने इस बैठक में शामिल न होने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा तमिलनाडु में टीवीके-समर्थित सरकार के साथ संबंधों को लेकर बने हालात ने भी डीएमके के रुख को प्रभावित किया है।
बैठक में विपक्षी दल आने वाले चुनावी चक्र, राज्यों की राजनीति और 2029 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ साझा मोर्चा बनाने की दिशा में विचार-विमर्श करेंगे।
TMC उठाएगी पश्चिम बंगाल के मुद्देपश्चिम बंगाल में हाल ही में तृणमूल कांग्रेस को मिली चुनावी चुनौती के बाद पार्टी इस बैठक में अपने नेताओं पर कथित हमलों का मुद्दा मजबूती से उठा सकती है। टीएमसी का कहना है कि विपक्षी दलों का समर्थन जुटाकर वह इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर सामने रखेगी।
टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि यह बैठक एक स्पष्ट उद्देश्य और साझा इरादे के साथ हो रही है और INDIA गठबंधन पूरी तरह से एकजुट है। उन्होंने यह भी कहा कि कई दल आपसी सौहार्द के साथ इस बैठक में भाग लेने के लिए उत्सुक हैं।
चुनावी हार के बाद बढ़े मतभेदहालिया विधानसभा चुनावों ने विपक्षी गठबंधन के भीतर मौजूद मतभेदों को भी उजागर कर दिया है। सीपीआई(एम) कांग्रेस के उन आरोपों को इस बैठक में उठा सकती है, जिनमें केरल चुनावों में वाम दलों पर बीजेपी के साथ कथित समझौते के आरोप लगाए गए थे। केरल में सत्ता गंवाने के बाद वाम दलों और कांग्रेस के बीच मतभेद और गहरे हो गए हैं।
सीपीआई(एम) का प्रतिनिधित्व इस बैठक में राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास करेंगे और पार्टी इस मुद्दे पर कांग्रेस से स्पष्टीकरण की मांग कर सकती है। वहीं सीपीआई(एम) महासचिव एम ए बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर कहा है कि इस तरह के आरोप विपक्षी एकता की भावना के खिलाफ हैं।
बीजेपी का हमला—गठबंधन में एकता नहींबीजेपी ने INDIA गठबंधन की इस बैठक पर तीखा हमला बोला है। पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि गठबंधन के भीतर ही गंभीर मतभेद सामने आ रहे हैं और यह विपक्ष की कमजोरी को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यह गठबंधन बिना किसी स्पष्ट लक्ष्य के काम कर रहा है और इसमें केवल आरोप-प्रत्यारोप, भ्रम और आंतरिक संघर्ष दिखाई देता है। बीजेपी का दावा है कि विपक्षी दलों के बीच कोई ठोस साझा दृष्टिकोण मौजूद नहीं है।
गौरतलब है कि इससे पहले INDIA गठबंधन की बड़ी बैठक लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 1 जून 2024 को नई दिल्ली में हुई थी।