सियासी जमीन खिसकने के बीच INDIA गठबंधन की याद, दिल्ली बैठक में ममता बनर्जी को कितना मिलेगा समर्थन?

पश्चिम बंगाल में हालिया राजनीतिक परिस्थितियों और संगठनात्मक दबाव के बीच पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रणनीतिक सक्रियता एक बार फिर चर्चा में है। जिस INDIA गठबंधन से उन्होंने पहले दूरी बनाकर अपने राजनीतिक रास्ते अलग करने की कोशिश की थी, अब वही मंच उन्हें फिर से आकर्षित करता दिख रहा है। बंगाल में सत्ता गंवाने और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के बाद ममता बनर्जी अब दिल्ली में होने वाली INDIA गठबंधन की अहम बैठक में शामिल होने जा रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम केवल राष्ट्रीय राजनीति में उपस्थिति दर्ज कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे टीएमसी के भीतर अपनी पकड़ मजबूत करने की भी कोशिश है। बदलते राजनीतिक हालात में ममता बनर्जी के इस रुख को एक रणनीतिक वापसी के तौर पर देखा जा रहा है।

अभिषेक बनर्जी पहले ही पहुंचे दिल्ली, 8 जून को होगी महत्वपूर्ण बैठक

सूत्रों के अनुसार विपक्षी गठबंधन INDIA की यह महत्वपूर्ण बैठक 8 जून को नई दिल्ली में प्रस्तावित है। इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और उनके भतीजे एवं पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी दोनों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंच सकती हैं और मंगलवार तक राजधानी में रुकने का कार्यक्रम है। वहीं अभिषेक बनर्जी पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में पार्टी को सत्ता से बाहर होना पड़ा है और संगठनात्मक स्तर पर नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि ममता बनर्जी अब पार्टी के पुनर्गठन और राजनीतिक रिकवरी की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं, ताकि नुकसान की भरपाई की जा सके।
सोनिया गांधी से मुलाकात की संभावनाओं पर भी चर्चा

सूत्रों के अनुसार ममता बनर्जी दिल्ली यात्रा के दौरान कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से मुलाकात की कोशिश कर सकती हैं। हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक पकड़ को फिर से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही हैं। वहीं कांग्रेस और टीएमसी के रिश्तों में पिछले कुछ समय से तनाव की स्थिति देखी गई है, खासकर INDIA गठबंधन के नेतृत्व और भूमिका को लेकर मतभेद सामने आए थे।

पुराने राजनीतिक बयान और रिश्तों की जटिलता फिर चर्चा में

पश्चिम बंगाल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब टीएमसी सत्ता में मजबूत स्थिति में थी, तब ममता बनर्जी ने कई बार कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी पर कड़ी बयानबाजी की थी। यहां तक कि INDIA गठबंधन के नेतृत्व को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए थे।

अब राजनीतिक परिस्थितियां बदलने के बाद समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं। हालांकि कांग्रेस खेमे का मानना है कि मौजूदा हालात में समर्थन पूरी तरह से खत्म नहीं किया जाएगा, लेकिन पहले जैसी नजदीकी भी संभव नहीं होगी।

इसी बीच टीएमसी ने संगठनात्मक स्तर पर भी कुछ बदलाव किए हैं, जिसमें अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव बनाए रखना और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन तथा डोला सेन को संयुक्त महासचिव की जिम्मेदारी देना शामिल है। माना जा रहा है कि यह बदलाव निर्णय प्रक्रिया को अधिक व्यापक बनाने और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों को संतुलित करने के उद्देश्य से किए गए हैं।

8 जून की बैठक पर टिकी निगाहें, विपक्षी रणनीति होगी केंद्र में

INDIA गठबंधन की यह बैठक 8 जून को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, नई दिल्ली में आयोजित होगी। बैठक में विपक्षी दलों के बीच आगामी रणनीति, संसद सत्र की तैयारी और जनता से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रुख तय किए जाने की संभावना है।

चर्चा के प्रमुख विषयों में नीट परीक्षा विवाद, शिक्षा व्यवस्था, महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दे शामिल हो सकते हैं। यह बैठक विपक्षी दलों के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।

हालांकि डीएमके ने इस बैठक से दूरी बनाने का फैसला किया है, जबकि आम आदमी पार्टी पहले ही INDIA गठबंधन से अलग रुख अपना चुकी है।

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल लगातार विभिन्न विपक्षी नेताओं से संपर्क में हैं ताकि बैठक का एजेंडा और रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सके। विपक्षी दल इस बैठक के जरिए संसद से लेकर सड़क तक साझा संघर्ष की रूपरेखा तैयार करने पर सहमति बनाने की कोशिश कर सकते हैं।