ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दीपके की मुहिम पर कांग्रेस का कब्जा? राहुल-प्रियंका के मोर्चे ने CJP की बढ़ाई मुश्किल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी राजनीति में सक्रियता बढ़ने के बीच अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सामने अब कांग्रेस की चुनौती भी दिखाई देने लगी है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए लगातार दो दिनों तक प्रदर्शन की कोशिश की। दोनों को जंतर-मंतर जाने से पहले हिरासत में लिया गया और बाद में छोड़ दिया गया। दूसरी ओर, दीपके भी इस मुद्दे को अपने हाथ से निकलने नहीं देना चाहते और उन्होंने 10 अक्टूबर को दिल्ली में फिर प्रदर्शन का ऐलान किया है।

यह पूरा घटनाक्रम उस रिपोर्ट के बाद तेज हुआ जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके साथ काम कर रहे दोनों चुनाव आयुक्तों के बीच कथित असहमति का दावा किया गया था। चुनाव आयोग ने इन दावों का तत्काल खंडन किया। इसके बाद CJP ने इस मुद्दे को आंदोलन का आधार बनाने की कोशिश की। NEET पेपर लीक आंदोलन से पहचान बनाने वाले अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन का ऐलान किया।

ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस का पुराना रुख फिर सामने आया

राहुल गांधी पिछले कुछ वर्षों से चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर चुनाव प्रक्रिया तथा वोटों को लेकर गंभीर आरोप लगाते रहे हैं। कांग्रेस और कई विपक्षी दल 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद से ईवीएम को लेकर भी सवाल उठाते रहे हैं। विपक्ष की ओर से ईवीएम के जरिए वोटों में हेराफेरी किए जाने का दावा किया जाता रहा है, जबकि चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है।

ऐसे में ज्ञानेश कुमार को लेकर उठे विवाद ने कांग्रेस को एक ऐसा मुद्दा दिया है, जिस पर पार्टी पहले से ही चुनाव आयोग के खिलाफ अपना रुख रखती आई है। यही वजह है कि कांग्रेस इस मामले में पीछे हटने के बजाय खुलकर सक्रिय होती दिखाई दे रही है।

राहुल और प्रियंका ने लगातार दो दिन दिखाया आक्रामक रुख

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। दोनों ने लगातार दो दिनों तक इस मुद्दे पर आंदोलन किया और जंतर-मंतर जाने की कोशिश की। हालांकि, उन्हें वहां पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया। बाद में दोनों को रिहा कर दिया गया। बुधवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा आकाशवाणी परिसर में एक पेड़ के नीचे बैठ गए। इस दौरान उनके साथ किसी अन्य विपक्षी दल का नेता दिखाई नहीं दिया। संदर्भ सामग्री के मुताबिक, विपक्ष के दूसरे नेताओं को इस कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई थी। विपक्ष के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कांग्रेस की इस रणनीति पर टिप्पणी करते हुए इसे 'भाई-बहन का शो' तक बताया। कांग्रेस के इस सक्रिय रुख ने इंडिया गठबंधन के दूसरे घटक दलों को भी चौंकाया है। इससे पहले भी कांग्रेस और CJP के आंदोलनों के बीच दूरी दिखाई देती रही है, जबकि दोनों के कुछ मुद्दे एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के आंदोलन में भी अलग दिखे थे दीपके

अभिजीत दीपके इससे पहले तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर चुके हैं। उस समय भी राहुल गांधी उनके प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे। दीपके ने इसके बाद प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर विपक्षी दलों को भी चौंका दिया था। संदर्भ सामग्री के अनुसार, उस कार्यक्रम को लेकर अन्य विपक्षी दलों से पहले से चर्चा नहीं की गई थी। बाद में दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अपने आंदोलन की सफलता के तौर पर पेश करने की कोशिश की। हालांकि, कई विपक्षी दल भी उस घटनाक्रम को CJP और अभिजीत दीपके की जीत के तौर पर देखते हैं। यही पृष्ठभूमि अब ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर भी दिखाई दे रही है। CJP और कांग्रेस दोनों चुनाव आयोग के खिलाफ सवाल उठा रहे हैं, लेकिन दोनों के बीच किसी तरह का खुला समन्वय नजर नहीं आ रहा है।

दिल्ली से दूर मुंबई में आंदोलन, अब 10 अक्टूबर पर दांव

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन के मामले में अभिजीत दीपके फिलहाल कांग्रेस से पीछे दिखाई दे रहे हैं। वह दिल्ली में अपना प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने मुंबई में भी आंदोलन किया, लेकिन संदर्भ सामग्री के मुताबिक उसे जंतर-मंतर पर हुए उनके पिछले प्रदर्शनों जैसी सफलता नहीं मिली। इसके बाद दीपके ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में दोबारा प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इस आंदोलन को लेकर वह समर्थन जुटाने की कोशिश भी कर रहे हैं। उनके साथ कुछ फिल्मी हस्तियों के जुड़ने की बात सामने आई है। इसी क्रम में एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो दीपके की ओर से अपने आंदोलन के लिए समर्थन जुटाने की कोशिशों के संदर्भ में सामने आया है। अब ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP प्रदर्शन पर नजर रहेगी। एक तरफ कांग्रेस राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के जरिए इस मुद्दे पर लगातार सक्रिय है, तो दूसरी ओर अभिजीत दीपके अपने आंदोलन को दोबारा दिल्ली के केंद्र में लाने की कोशिश कर रहे हैं।