नई दिल्ली। गुरुवार को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ी देखने को मिली। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा शाम को जारी भावों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹961 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब यह कीमत बढ़कर ₹97,046 प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि इससे पहले ₹96,085 थी।
वहीं 22 कैरेट सोना ₹880 बढ़कर ₹88,894 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि 18 कैरेट सोना ₹721 की वृद्धि के साथ ₹72,785 प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है।
चांदी की कीमत में भी जोरदार उछालकेवल सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमत में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। बीते 24 घंटे में चांदी ₹654 प्रति किलो महंगी होकर ₹1,07,934 प्रति किलो पर पहुंच गई, जबकि इससे पहले यह ₹1,07,280 प्रति किलो थी। यानी चांदी भी अब ₹1.08 लाख प्रति किलो के नजदीक पहुंच चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजीअंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो वहां भी कीमती धातुओं में तेजी का रुख बना हुआ है। खबर लिखे जाने तक सोना 0.25% की बढ़त के साथ $3,329.30 प्रति औंस पर था, जबकि चांदी 0.78% उछलकर $36.91 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और डॉलर में कमजोरी के चलते निवेशक सोने-चांदी को सुरक्षित विकल्प मानकर उसमें निवेश बढ़ा रहे हैं।
2025 में अब तक कितना बढ़ा दाम?अगर हम साल की शुरुआत से अब तक की तुलना करें, तो 1 जनवरी 2025 को 24 कैरेट सोने का भाव ₹76,162 प्रति 10 ग्राम था, जो अब ₹97,046 पर पहुंच गया है। यानी इस दौरान इसमें ₹20,884 की वृद्धि दर्ज की गई है, जो करीब 27.42% की बढ़ोतरी है।
इसी तरह चांदी ने भी निवेशकों को निराश नहीं किया। 1 जनवरी को चांदी ₹86,017 प्रति किलो थी, जो अब ₹1,07,934 हो चुकी है। यानी ₹21,917 या 25.47% का उछाल देखने को मिला है।
रुपए का प्रदर्शन मिला-जुला रहावहीं, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया गुरुवार को कुछ कमजोर शुरुआत के बाद संभल गया। एलकेपी सिक्योरिटीज के जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, शुरुआती गिरावट के बाद रुपया मजबूत हुआ और दिन के अंत तक स्थिरता दिखाई। उन्होंने बताया कि ट्रेड डील को लेकर जारी चर्चाएं और टैरिफ रोक की डेडलाइन बढ़ने से रुपया ₹86 प्रति डॉलर के आसपास बना रहा। उनके अनुसार, आने वाले समय में रुपया ₹85.30 से ₹86.20 के बीच कारोबार कर सकता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी और अवसर दोनोंविशेषज्ञों के अनुसार, सोने-चांदी की यह तेजी उन निवेशकों के लिए अच्छा संकेत है जो लॉन्ग टर्म में निवेश करते हैं। लेकिन जिन निवेशकों ने कीमतों में गिरावट की उम्मीद लगाई थी, उन्हें फिलहाल और बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। वैश्विक हालात और डॉलर के उतार-चढ़ाव को देखते हुए आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव मुमकिन है।