दिल्ली में प्रदर्शन से पहले 1,000 से ज्यादा लोग हिरासत में, अभिजीत दीपके बोले- ‘मोदी ने हार मान ली’

दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा होने से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजधानी के अलग-अलग हिस्सों से 1,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया जाना है। प्रदर्शन से पहले पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया था कि वह सुबह 9:30 बजे दिल्ली पहुंचेंगे। उनके राजधानी पहुंचने से पहले ही हिरासत में लेने की कार्रवाई की खबर सामने आई। दिल्ली में जारी सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही हार मान ली है।

शाहीन बाग और जामिया नगर से 250 से ज्यादा लोग हिरासत में

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया कि दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के शाहीन बाग और जामिया नगर के आसपास प्रदर्शनकारियों की पहचान करने के बाद 250 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से भी 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। कार्रवाई केवल इन इलाकों तक सीमित नहीं रही। पुलिस ने रेलवे स्टेशनों, बस स्टॉप और एयरपोर्ट के आसपास से भी लोगों को हिरासत में लिया। रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह दिल्ली के कई जिलों, सीमावर्ती इलाकों तथा परिवहन केंद्रों के पास यह कार्रवाई की गई। इसका उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान लोगों की भीड़ जुटने से रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया।

एयरपोर्ट के बाहर भी बढ़ाई गई सुरक्षा

कॉकरोच जनता पार्टी के को-कन्वीनर सौरव दास ने X पर पोस्ट कर बताया था कि पार्टी के सदस्य शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचेंगे। इसके बाद एयरपोर्ट के बाहर सुरक्षा बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई। पार्टी की ओर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान ऐसे समय किया गया है, जब राजधानी के कई इलाकों में लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लागू होने की बात कही गई है। जंतर-मंतर और उसके आसपास के क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 लागू होने का उल्लेख भी किया गया है। ऐसे में प्रदर्शनकारियों की प्रस्तावित जुटान और पुलिस की रोकथाम संबंधी कार्रवाई के बीच राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
‘प्रदर्शन से पहले ही मोदी ने हार मान ली’

दिल्ली में हिरासत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभिजीत दीपके ने X पर लिखा, “हमारा प्रोटेस्ट शुरू होने से पहले ही मोदी ने हार मान ली है।” उन्होंने बड़े पैमाने पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई और दिल्ली में बंद जैसी स्थिति को ताकत की निशानी मानने के बजाय इसे ऐसे नेता की निशानी बताया, जो अपने ही लोगों से डरा हुआ है। यह दीपके की राजनीतिक प्रतिक्रिया और आरोप हैं। उनके बयान में पुलिस कार्रवाई और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा गया है।

जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का दावा किया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 20,000 पुलिसकर्मियों और 23,000 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों को तैनात किए जाने की बात कही गई है। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश करेंगे, जबकि पुलिस और सुरक्षा बलों की तैयारी उन्हें रोकने की है। ऐसे में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही अहम मुद्दे बने हुए हैं। हालांकि, प्रदर्शन के वास्तविक घटनाक्रम और आगे की कार्रवाई के बारे में इस सामग्री में कोई पुष्ट जानकारी नहीं दी गई है।