दिल्ली-NCR में साफ हुई हवा, प्रदूषण से मिली राहत; AQI 151 पर पहुंचा, जानिए आपके इलाके की स्थिति

नई दिल्ली। बीते कुछ दिनों से हो रही बारिश और तेज हवाओं ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों को प्रदूषण की मार से काफी हद तक राहत दी है। जहरीली हवा का असर कम हुआ है और सांस लेना पहले से आसान महसूस हो रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, रविवार (25 जनवरी) सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 151 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। इसके साथ ही पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी का असर भी दिख रहा है, जिससे राजधानी के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

हालांकि, दिल्ली से सटे एनसीआर के कुछ शहरों में स्थिति अभी पूरी तरह संतोषजनक नहीं कही जा सकती। नोएडा में AQI 184 और ग्रेटर नोएडा में 170 दर्ज किया गया है, जो मध्यम श्रेणी में है। वहीं गाजियाबाद में 203 और गुरुग्राम में 225 AQI के साथ हवा ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। इससे पहले शनिवार को दिल्ली का औसत AQI 200 से नीचे दर्ज किया गया था, जिससे यह साफ है कि हवा की गुणवत्ता में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।

गौरतलब है कि बीते सप्ताह हालात कहीं ज्यादा बिगड़े हुए थे। गुरुवार को नोएडा का AQI 300 के पार चला गया था, जिसे ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रखा गया। इसके बाद शुक्रवार को हुई बारिश ने प्रदूषण के स्तर को नीचे लाने में अहम भूमिका निभाई और हवा की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला।

आपके इलाके में कैसी है हवा?

दिल्ली और आसपास के इलाकों में AQI का स्तर इस प्रकार दर्ज किया गया—

स्थान – AQI
आनंद विहार – 224
बवाना – 143
बुराड़ी – 149
चांदनी चौक – 189
द्वारका – 165
दिल्ली एयरपोर्ट – 140
आईटीओ – 109
जहांगीरपुरी – 160
लोधी रोड – 143
मुंडका – 141
रोहिणी – 151
विवेक विहार – 158
नरेला – 164
नोएडा – 184
ग्रेटर नोएडा – 170
गाजियाबाद – 203
गुरुग्राम – 225

सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, 0 से 50 के बीच AQI को ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी राहत भरे संकेत दिए हैं। विभाग का अनुमान है कि 27 और 28 जनवरी को तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम में इस बदलाव के बीच तापमान लगभग स्थिर बना रहेगा, जिससे प्रदूषण के स्तर में और गिरावट आने की उम्मीद जताई जा रही है।