सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन परिसर में बने अत्याधुनिक दिल्ली मेट्रो म्यूजियम का बुधवार को औपचारिक उद्घाटन किया गया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फीता काटकर इस संग्रहालय को जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह म्यूजियम खासतौर पर बच्चों और युवाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा, क्योंकि यहां दिल्ली मेट्रो की विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग और तकनीकी कौशल को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
उद्घाटन समारोह में दिल्ली के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह तथा दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने दिल्ली मेट्रो को इस पहल के लिए बधाई दी और कहा कि राजधानी अब धीरे-धीरे संग्रहालयों के शहर के रूप में अपनी पहचान बना रही है।
कब और कितने बजे खुला रहेगा म्यूजियम?दिल्ली मेट्रो म्यूजियम अब शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल हो गया है। डीएमआरसी के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने जानकारी दी कि यह म्यूजियम 19 दिसंबर से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। म्यूजियम का समय सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग यहां आकर भ्रमण कर सकें।
एंट्री टिकट की कीमत कितनी होगी?म्यूजियम मंगलवार से रविवार तक खुला रहेगा, जबकि सोमवार और सार्वजनिक अवकाश के दिन इसे बंद रखा जाएगा। अधिक से अधिक लोगों को आकर्षित करने के उद्देश्य से प्रवेश शुल्क बेहद किफायती रखा गया है। यहां आने वाले प्रत्येक आगंतुक को मात्र 10 रुपये का टिकट लेना होगा।
करीब 12 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में फैले इस संग्रहालय को पहले चरण में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेट्रो संग्रहालयों की तर्ज पर विकसित किया गया है। यहां आधुनिक डिस्प्ले सिस्टम, डिजिटल पैनल और इंटरएक्टिव सुविधाएं मौजूद हैं, जो दर्शकों को एक रोचक और ज्ञानवर्धक अनुभव प्रदान करती हैं।
मेट्रो म्यूजियम तक कैसे पहुंचें?यह संग्रहालय दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर स्थित सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के भीतर बनाया गया है, जिससे यहां पहुंचना बेहद आसान है। भारत मंडपम और सुप्रीम कोर्ट जैसे प्रमुख स्थानों के नजदीक होने के कारण सड़क मार्ग से भी यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। मेट्रो और निजी वाहन दोनों से आने वाले पर्यटकों के लिए यह स्थान सुविधाजनक है।
म्यूजियम के भीतर मेट्रो ट्रेन संचालन का वास्तविक अनुभव देने वाले सिमुलेटर लगाए गए हैं। इसके अलावा टनल बोरिंग मशीन के मॉडल, मेट्रो निर्माण की प्रक्रिया को समझाने वाले इंटरएक्टिव डिजिटल डिस्प्ले और बच्चों के लिए रोचक गेम्स भी उपलब्ध कराए गए हैं।
म्यूजियम में क्या-क्या खास देखने को मिलेगा?यहां ‘मेट्रोमैन’ डॉ. ई. श्रीधरन पर आधारित एक विशेष पैनल लगाया गया है, जो दिल्ली मेट्रो के निर्माण में उनके योगदान को दर्शाता है।
मेट्रो सुरंग का एक मॉक मॉडल और ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (OCC) का प्रतिरूप भी प्रदर्शित किया गया है।
दिल्ली मेट्रो के इतिहास, प्रमुख उपलब्धियों और विकास यात्रा को दर्शाने वाले 50 से अधिक पैनल, मॉडल, कियोस्क और प्रदर्शनी यहां देखने को मिलेंगी।
दिल्ली मेट्रो म्यूजियम की परिकल्पना वर्ष 2008 में की गई थी।31 दिसंबर 2008 को देश का पहला मेट्रो रेल म्यूजियम पटेल चौक मेट्रो स्टेशन पर खोला गया था, जो उस समय पूरे दक्षिण एशिया में अपनी तरह का इकलौता संग्रहालय था।
पटेल चौक स्थित म्यूजियम में हर साल देश-विदेश से करीब पांच हजार स्कूली और कॉलेज छात्र भ्रमण के लिए आते थे।
सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर नए और अत्याधुनिक मेट्रो म्यूजियम के उद्घाटन के साथ ही पटेल चौक स्थित पुराने मेट्रो म्यूजियम को अब बंद कर दिया गया है।