दिल्ली में मामूली विवाद बना जानलेवा: डिलीवरी बॉय की पुलिसकर्मी ने गोली मारकर की हत्या, हेड कॉन्स्टेबल गिरफ्तार

दिल्ली के जाफरपुर कलां इलाके से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक साधारण कहासुनी ने खून-खराबे का रूप ले लिया। आरोप है कि विवाद के दौरान दिल्ली पुलिस में तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल ने डिलीवरी बॉय को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। यह घटना 25 अप्रैल की देर रात की बताई जा रही है। इस गोलीबारी में एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की भी पुष्टि हुई है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अस्पताल से मिली सूचना, एक की मौत की पुष्टि

पुलिस के अनुसार, 25 अप्रैल 2026 की रात करीब 2:30 बजे RTR अस्पताल से सूचना प्राप्त हुई कि दो लोगों को गोली लगने के बाद भर्ती कराया गया है। इलाज के दौरान एक युवक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे का उपचार जारी है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी हेड कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

मृतक डिलीवरी बॉय और घायल की पहचान


इस घटना में जान गंवाने वाले युवक की पहचान 21 वर्षीय पांडव कुमार के रूप में हुई है, जो बिंदापुर इलाके का रहने वाला था और जोमैटो में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करता था। वहीं घायल व्यक्ति कृष्ण भी बिंदापुर का ही निवासी है और मृतक का करीबी दोस्त बताया जा रहा है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि उसी दिन एक पार्टी का आयोजन किया गया था, जो रूपेश नामक व्यक्ति के बेटे के दूसरे जन्मदिन के मौके पर रखी गई थी। इस कार्यक्रम में करीब 20 लोग शामिल हुए थे।
पार्टी के बाद लौटते वक्त हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, केक काटने के बाद धीरे-धीरे लोग वहां से लौटने लगे। रात करीब 2 बजे कुछ लोग कैब का इंतजार कर रहे थे, जबकि कुछ अन्य लोग स्कूटी और बाइक के पास खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान लगभग 50 मीटर दूरी पर किराए पर रह रहा एक पुलिस हेड कॉन्स्टेबल वहां पहुंचा और किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई।

आरोप है कि बहस के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई और गुस्से में आकर हेड कॉन्स्टेबल ने बाइक पर बैठे पांडव कुमार पर गोली चला दी। यह गोली पांडव की छाती को भेदते हुए पीछे बैठे कृष्ण को भी लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

आरोपी पुलिसकर्मी गिरफ्तार, जांच जारी

घटना के बाद दोनों घायलों को तुरंत RTR अस्पताल ले जाया गया, जहां पांडव कुमार को मृत घोषित कर दिया गया। कृष्ण का इलाज अभी भी जारी है और उसकी हालत पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।

पुलिस ने आरोपी की पहचान नीरज के रूप में की है, जो दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल यूनिट में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात था और मूल रूप से हरियाणा के रोहतक का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि वह पिछले लगभग 15 वर्षों से रावता गांव में अकेला रह रहा था।

फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।