दिल्ली में बढ़ते तापमान और संभावित हीट वेव को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने Heat Wave Action Plan 2026 की तैयारियों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत और सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजाम केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से नजर आने चाहिए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं।
बैठक में सीएम ने कई अहम व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा, जिनमें शामिल हैं—• अस्पतालों में पर्याप्त बेड और इलाज की सुविधा सुनिश्चित की जाए
• हीट वेव से बचाव के लिए बड़े स्तर पर जन-जागरूकता अभियान तुरंत शुरू हो
• सभी एम्बुलेंस में हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए आवश्यक मेडिकल सुविधा उपलब्ध रहे
• स्कूलों में वॉटर बेल सिस्टम को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए
• अस्पतालों, स्कूलों, निर्माण स्थलों, अटल कैंटीनों, पुलिस थानों, पोस्ट ऑफिसों और डीटीसी बस स्टैंडों पर स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था हो
• हर सार्वजनिक स्थान पर ORS घोल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि गर्मी के मौसम में टैंकर सेवाओं, वॉटर कूलर और वॉटर एटीएम को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि पशु-पक्षियों के लिए भी छाया और पानी की उचित व्यवस्था की जाए, जिससे प्राकृतिक जीवन को भी राहत मिल सके।
सरकार की तैयारी को और मजबूत करने के लिए 330 एम्बुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है, जबकि 30 से अधिक अस्पतालों में कूल रूम की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा स्कूलों में वॉटर बेल सिस्टम, वॉटर एटीएम, कूलिंग पॉइंट्स, अस्थायी आश्रय स्थल और श्रमिकों के लिए काम के समय में बदलाव जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। ये सभी कदम राजधानी में हीट वेव से निपटने के लिए की जा रही व्यापक रणनीति को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार की यह तैयारी एक सक्रिय और दूरदर्शी प्रशासनिक मॉडल के रूप में सामने आ रही है, जिसमें किसी भी संकट के आने से पहले उससे निपटने की रणनीति तैयार की जाती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी रंग-कोडेड अलर्ट सिस्टम और प्रशिक्षित फ्रंटलाइन टीमों के सहयोग से दिल्ली सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरी व्यवस्था के जरिए राजधानी में एक ऐसे शासन मॉडल को मजबूत किया जा रहा है, जो न केवल योजना बनाता है, बल्कि हर आपदा से पहले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कार्रवाई भी करता है।