राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली अभी भी गंभीर प्रदूषण की चपेट में है। शहर में स्मॉग की घनी परत छाई हुई है और सांस लेना कठिन हो गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार सुबह सात बजे दिल्ली का औसत AQI 396 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी के करीब है।
वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली की भविष्यवाणी के मुताबिक, बुधवार तक राजधानी में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में बनी रहने की संभावना है। प्रदूषण के विरोध में रविवार को इंडिया गेट पर नागरिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
नोएडा और गाजियाबाद में हालात और गंभीरदिल्ली के ज्यादातर मॉनिटरिंग स्टेशनों पर सोमवार सुबह 7 बजे AQI 400 के पार दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। राजधानी से सटे नोएडा में स्थिति और भी खराब है, जहां सुबह पांच बजे AQI 413 रिकॉर्ड किया गया। ग्रेटर नोएडा में AQI 399 दर्ज हुआ, जो बहुत खराब श्रेणी में है, हालांकि यह गंभीर स्तर के करीब है। गाजियाबाद में वसुंधरा क्षेत्र में AQI 432 के साथ प्रदूषण का स्तर गंभीर बना हुआ है।
राजधानी के विभिन्न इलाकों में AQI स्तर इस प्रकार दर्ज किया गया:आनंद विहार – 441
अलीपुर – 412
बवाना – 437
बुराड़ी – 432
चांदनी चौक – 389
द्वारका सेक्टर-8 – 402
आईटीओ – 410
जहांगीरपुरी – 452
गाजीपुर – 441
नरेला – 433
वजीरपुर – 450
रोहिणी – 458
पंजाबी बाग – 411
पटपड़गंज – 401
पूसा – 360
आर.के. पुरम – 397
गाजियाबाद, इंदिरापुरम – 438
नोएडा सेक्टर-62 – 404
गुरुग्राम सेक्टर-51 – 264
मुख्य बिंदु- दिल्ली और पड़ोसी शहरों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है।
- हवा की गुणवत्ता की स्थिति बुधवार तक गंभीर बनी रहने की संभावना है।
- नागरिकों और अधिकारियों को स्वास्थ्य संबंधी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
- स्कूलों में बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर रहने और मास्क पहनने की चेतावनी दी गई है।
दिल्ली में ‘जहरीली हवा’ ने न केवल सांस लेने में कठिनाई बढ़ाई है, बल्कि शहर के लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डाला है।