दिल्ली में प्रदर्शन के बीच हवाई किरायों में उछाल, वाराणसी-दिल्ली फ्लाइट का किराया ₹14 हजार तक पहुंचा

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। राजधानी में सुरक्षा प्रतिबंधों और कई ट्रेनों के रद्द होने के बीच कुछ हवाई मार्गों पर टिकटों के किराये में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वाराणसी से दिल्ली की शनिवार की फ्लाइट का एकतरफा किराया ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों की वेबसाइट पर 14,000 रुपये तक पहुंच गया, जबकि अमृतसर से दिल्ली की कुछ उड़ानों के टिकट सामान्य कीमत के मुकाबले करीब दोगुने महंगे हो गए। हालांकि, ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि अभी ऐसे स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं कि बड़ी संख्या में यात्री ट्रेन और बस छोड़कर हवाई सफर का विकल्प चुन रहे हैं। उनका मानना है कि यदि प्रदर्शन के कारण आवाजाही पर प्रतिबंध लंबे समय तक बने रहते हैं, तो हवाई यात्रा की मांग बढ़ सकती है और इसका असर टिकटों की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। इस घटनाक्रम के बीच त्योहारी सीजन भी शुरू होने वाला है। सोमवार से नवरात्र की शुरुआत के साथ यात्रा की मांग में बदलाव की संभावना है। ऐसे में दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन, बस और फ्लाइट के विकल्पों की उपलब्धता और किराये पर नजर रखना महत्वपूर्ण हो गया है।

वाराणसी से दिल्ली की फ्लाइट का किराया 14 हजार रुपये तक

वाराणसी से दिल्ली जाने वाली उड़ानों के किराये में बढ़ोतरी इस बदलाव का प्रमुख उदाहरण है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को वाराणसी से दिल्ली की एकतरफा फ्लाइट का किराया ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों की वेबसाइट पर 6,200 रुपये से शुरू होकर 14,000 रुपये तक पहुंच गया। एक प्रमुख ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी (OTA) के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, शुक्रवार रात तक लखनऊ, प्रयागराज और उत्तर प्रदेश के दूसरे हिस्सों से दिल्ली आने वाली उड़ानों की तत्काल बुकिंग के किराये में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं दिखी थी। हालांकि, वाराणसी से दिल्ली के लिए शनिवार की यात्रा का तत्काल बुकिंग किराया एक महीने पहले की तुलना में लगभग 15 फीसदी अधिक था। अधिकारी ने यह भी संकेत दिया कि किराये में बढ़ोतरी को केवल ट्रेनों और बसों की सेवाओं में बदलाव से जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी। त्योहारी सीजन से पहले सप्ताहांत की उड़ानों में पहले से ही अच्छी-खासी बुकिंग थी और किराये भी ऊंचे स्तर पर थे। ऐसे में मौजूदा कीमतों के पीछे यात्रा की पहले से मौजूद मांग भी एक महत्वपूर्ण पहलू है।
अमृतसर से दिल्ली का किराया करीब दोगुना

अमृतसर से दिल्ली जाने वाली कुछ उड़ानों के किराये में भी शुक्रवार को तेज बढ़ोतरी देखने को मिली। जानकारी के मुताबिक, कुछ फ्लाइटों का एकतरफा टिकट करीब 8,000 रुपये तक पहुंच गया, जबकि सामान्य तौर पर इस मार्ग पर किराया लगभग 4,000 रुपये रहता है। इस तरह कुछ उड़ानों के लिए यात्रियों को सामान्य कीमत के मुकाबले लगभग दोगुनी रकम चुकानी पड़ सकती है। हालांकि, यह बढ़ोतरी सभी उड़ानों या सभी टिकटों पर लागू होने की जानकारी नहीं दी गई है। लुधियाना से दिल्ली जाने वाली शनिवार की उड़ानों के किराये में भी दिनभर उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एक समय टिकट की कीमत 12,987 रुपये तक पहुंच गई थी, लेकिन रात 8 बजे तक यह घटकर 4,301 रुपये रह गई। इससे पता चलता है कि इस मार्ग पर किराया पूरे दिन एक जैसा नहीं रहा और बुकिंग के समय के अनुसार कीमतों में बड़ा अंतर दर्ज किया गया।

अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट पकड़ने वाले यात्रियों की बढ़ी चिंता

अमृतसर के ट्रैवल एजेंट दलिप के मुताबिक, जिन यात्रियों ने आगे की यात्रा की योजना पहले से बना रखी है, उन्हें मौजूदा परिस्थितियों में ज्यादा परेशानी हो सकती है। खासकर वे यात्री जो दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ने वाले हैं, उनके पास विकल्प सीमित हो सकते हैं। ऐसे यात्रियों के लिए केवल दिल्ली तक पहुंचना ही जरूरी नहीं, बल्कि आगे की यात्रा के तय समय का ध्यान रखना भी अहम है। ट्रेन या फ्लाइट रद्द होने अथवा कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने का जोखिम कम करने के लिए कुछ यात्रियों को महंगे टिकट खरीदने पड़ सकते हैं। इस स्थिति में टिकट की कीमत के साथ-साथ यात्रा के समय और उपलब्ध विकल्पों पर भी विचार करना पड़ता है। हालांकि, ट्रैवल एजेंट के बयान में ऐसे यात्रियों की कोई संख्या नहीं बताई गई है, जिन्हें इस कारण महंगी उड़ानें बुक करनी पड़ी हैं।

दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंचना भी बन सकता है चुनौती


हवाई टिकटों की कीमतों के अलावा दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) तक पहुंचने को लेकर भी चिंता जताई गई है। एयरलाइंस और एयरपोर्ट के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती है कि यात्री, क्रू सदस्य और अन्य कर्मचारी समय पर हवाई अड्डे तक पहुंच सकें। प्रदर्शन के मद्देनजर मेट्रो सेवाओं में बड़े स्तर पर व्यवधान की आशंका और सड़क यातायात प्रभावित होने की संभावना के कारण एयरपोर्ट तक पहुंचने में देरी हो सकती है। इसका असर उन यात्रियों पर भी पड़ सकता है, जिन्होंने अपनी उड़ान के लिए पहले से टिकट बुक कर रखे हैं। यदि सड़क और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित होती है, तो यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उड़ानों के संचालन में किसी व्यापक बदलाव या रद्दीकरण का विवरण नहीं दिया गया है।

प्रदर्शन लंबा चला तो और महंगी हो सकती हैं फ्लाइटें

ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों के मुताबिक, यदि प्रदर्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियां लंबे समय तक जारी रहती हैं तथा हवाई यात्रा की मांग बढ़ती है, तो टिकटों के किराये में और उछाल आ सकता है। फिलहाल किराये में बढ़ोतरी के संकेत कुछ चुनिंदा मार्गों पर ज्यादा स्पष्ट हैं, जबकि सभी मार्गों पर समान असर सामने नहीं आया है। जानकारों ने यह भी बताया कि विमानन कंपनियों की परिचालन लागत पहले से दबाव में है। जेट ईंधन की बढ़ती कीमतों और रुपये में गिरावट के कारण लागत बढ़ने की बात कही गई है। यदि इसके साथ हवाई यात्रा की मांग में और तेजी आती है, तो किरायों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। हालांकि, किराये में कितनी और बढ़ोतरी होगी, इसे लेकर कोई निश्चित अनुमान नहीं दिया गया है। दूसरी ओर, शुक्रवार शाम तक चंडीगढ़ से दिल्ली के बीच फ्लाइट और कैब के किराये में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया था। यह स्थिति बताती है कि कीमतों में बढ़ोतरी हर मार्ग पर एक जैसी नहीं रही।

यात्रियों के लिए क्या है जरूरी?

दिल्ली जाने या वहां से आगे की यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले अलग-अलग उड़ानों के किराये और उपलब्धता की तुलना करनी चाहिए। जिन यात्रियों की आगे अंतरराष्ट्रीय उड़ान या कनेक्टिंग फ्लाइट है, उनके लिए समय पर एयरपोर्ट पहुंचने की योजना बनाना खास तौर पर जरूरी है। ट्रेनों के रद्द होने और सड़क यातायात में संभावित व्यवधान को देखते हुए यात्रा की योजना बनाते समय परिवहन सेवाओं की ताजा स्थिति जांचना बेहतर होगा। फिलहाल ट्रैवल इंडस्ट्री के जानकार हवाई यात्रा की मांग में बड़ी बढ़ोतरी की पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि यदि प्रतिबंध लंबे समय तक जारी रहते हैं, तो किराये और मांग दोनों पर असर पड़ सकता है।