दिल्ली : गला कटने के बाद भी जिंदा था मासूम कृष, कैसे पहुंचा बाथरूम तक; आरोपी मुकेश ने बताई पूरी सच्चाई

बीते दिनों दिल्ली के लाजपतनगर से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई जिसने हर किसी को झकझोर दिया। यहां घर में काम करने वाले एक नौकर ने बड़ी बेरहमी से मां और बेटे की गला काटकर हत्या कर दी। इस वीभत्स हत्याकांड के आरोपी नौकर मुकेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अब इस घटना को लेकर मुकेश ने पुलिस को चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पूछताछ के दौरान मुकेश ने बताया कि उसने पहले रुचिका का गला रेता, फिर गवाह मिटाने के इरादे से उसके मासूम बेटे कृष को भी नहीं बख्शा।

बाथरूम कैसे पहुंचा कृष – सामने आया दर्दनाक सच


पूछताछ में मुकेश ने कबूल किया कि उसने कृष का गला उसके कमरे में ही काटा था। लेकिन जब वह घर से निकल रहा था, तब तक कृष में जान बाकी थी। यहीं से शुरू होती है वो तकलीफदेह कहानी, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। सवाल उठता है – जब कृष का गला उसके कमरे में रेता गया, तो वह आखिर बाथरूम तक कैसे पहुंचा? पुलिस की मानें तो गला कटने के बाद पीड़ित बच्चा ज़िंदा था और शायद पानी की तलाश में या मदद के लिए लड़खड़ाते हुए बाथरूम तक पहुंचा, लेकिन आखिरकार वहीं उसकी सांसे थम गईं।

चाकू कहां से लाया था मुकेश – वजह जानकर कांप उठे लोग

इस दोहरे हत्याकांड में मुकेश ने खुद स्वीकारा कि उसने यह अपराध पहले से सोच-समझ कर किया था। मुकेश ने बताया कि वह किचन वाला चाकू अपने घर से ही लेकर आया था। वजह जानकर किसी की भी रूह कांप जाए — रुचिका और उनके बेटे कृष लगातार उससे दिए गए 45 हजार रुपये और दो मोबाइल फोन वापस मांग रहे थे। साथ ही उसे डांटा भी गया और नौकरी छोड़ने की धमकी दी गई। इसी रंजिश के चलते उसने पहले रुचिका की जान ली और फिर उस मासूम कृष को भी मौत के घाट उतार दिया, ताकि कोई गवाह न बचे।

भागने की फिराक में मुकेश, मगर गिरफ्तारी ने तोड़ा घमंड


डबल मर्डर को अंजाम देने के बाद मुकेश फरार हो गया और सीधा बिहार की ओर भागा। मगर कहते हैं, कानून के हाथ लंबे होते हैं। मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अमर कॉलोनी में अपने पिता और भाइयों के साथ रहता था। पुलिस का कहना है कि रुचिका के घरवालों ने मुकेश को काम पर रखते वक्त पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था — एक छोटी सी लापरवाही जिसने दो ज़िंदगियों को लील लिया।