लोकसभा सीटों की संख्या पर कांग्रेस का बड़ा दांव, 543 सीटें 25 साल तक कायम रखने की मांग

कांग्रेस ने लोकसभा की मौजूदा सीटों की संख्या और महिला आरक्षण को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी ने मांग की है कि लोकसभा की 543 सीटों की वर्तमान संख्या को अगले 25 वर्षों तक बरकरार रखा जाए। साथ ही कांग्रेस चाहती है कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव से ही लागू किया जाए।

यह फैसला बुधवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की। इसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

परिसीमन पर कांग्रेस ने तय किया अपना रुख

CWC की बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि परिसीमन के मामले में पार्टी की स्थिति स्पष्ट है। उनके मुताबिक, मौजूदा 543 लोकसभा सीटों को अगले 25 वर्षों तक बनाए रखा जाना चाहिए।

कांग्रेस का कहना है कि इसी मौजूदा सीट संख्या के आधार पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। पार्टी की कार्यसमिति ने इस संबंध में एक प्रस्ताव भी पारित किया है।

प्रस्ताव में लोकसभा की मौजूदा सीटों की संख्या और राज्यों के बीच सीटों के मौजूदा बंटवारे पर लागू संवैधानिक रोक को अगले 25 वर्षों तक बढ़ाने की मांग की गई है। इसके साथ ही महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने की बात कही गई है।

तमिलनाडु विधानसभा के प्रस्ताव का भी जिक्र


कांग्रेस का यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब तमिलनाडु विधानसभा भी लोकसभा सीटों की संख्या को लेकर इसी तरह का प्रस्ताव पारित कर चुकी है। संदर्भ सामग्री के अनुसार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 12 अगस्त 2026 को विधानसभा में पारित प्रस्ताव का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था।

इस पत्र में लोकसभा में सांसदों की संख्या 543 पर स्थायी रूप से बनाए रखने के लिए संविधान में आवश्यक संशोधन की मांग की गई थी। परिसीमन और महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े मुद्दे भी इसमें उठाए गए थे।
पीएम मोदी की अपील पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से विपक्षी दलों से परिसीमन संबंधी विधेयक और महिला आरक्षण को लागू करने के समर्थन की अपील पर सवाल उठाए हैं।

पार्टी ने प्रधानमंत्री की अपील को ‘ड्रामा’ बताते हुए आरोप लगाया था कि उनका मुख्य एजेंडा महिला आरक्षण के बजाय ‘मोदी संरक्षण’ है। जयराम रमेश ने भी प्रधानमंत्री की अपील की मंशा पर सवाल उठाए थे।

उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री को लाल किले से भाषण देने के बजाय मौजूदा लोकसभा सीटों की संख्या के आधार पर ही 2029 के चुनाव में महिला आरक्षण लागू करना चाहिए।

अप्रैल में विधेयक को नहीं मिला था जरूरी बहुमत

इस मुद्दे पर संसद में भी पहले गतिरोध की स्थिति सामने आ चुकी है। संदर्भ सामग्री के मुताबिक, 17 अप्रैल को बजट सत्र के दौरान महिला आरक्षण लागू करने से जुड़े परिसीमन वाले संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में आवश्यक बहुमत नहीं मिल पाया था।

यह विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के आरक्षण से संबंधित था। अब कांग्रेस कार्यसमिति ने अपने ताजा प्रस्ताव के जरिए 543 लोकसभा सीटों की मौजूदा संख्या को 25 वर्षों तक बनाए रखने और 2029 से महिला आरक्षण लागू करने की मांग को औपचारिक रूप से सामने रखा है।