'लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार हुआ है', सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाने पर भड़के सांसद चंद्रशेखर आजाद

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत शनिवार को अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विभिन्न दलों के नेताओं की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में भीम आर्मी प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है।

चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक को सादा कपड़ों में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने जबरन अस्पताल पहुंचाया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि वांगचुक के समर्थकों के साथ मारपीट की गई और कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया। उनके मुताबिक यह पूरी कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध की भावना के खिलाफ है।
पूर्व आंदोलनों का भी किया जिक्र

अपने बयान में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार किया गया हो। उन्होंने याद दिलाया कि वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर लंबे समय तक धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों के साथ भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। इसके अलावा देश का नाम रोशन करने वाली महिला पहलवानों के आंदोलन को भी बलपूर्वक समाप्त कराया गया था। उन्होंने कहा कि अब सोनम वांगचुक के सत्याग्रह के साथ भी वैसा ही रवैया अपनाया जा रहा है।

उन्होंने आगे सवाल उठाया कि क्या देश में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार अब केवल सत्ता की सुविधा तक ही सीमित होकर रह गया है। अपने संदेश के अंत में उन्होंने सोनम वांगचुक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए प्रकृति से उनके अच्छे स्वास्थ्य, शक्ति और लंबी आयु की प्रार्थना भी की। वहीं, वांगचुक को धरना स्थल से हटाए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों में भी भारी नाराजगी देखने को मिली।

पुलिस ने क्या दी सफाई?

उधर, नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा से बातचीत में बताया कि सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा कि फिलहाल वांगचुक डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रदर्शनकारियों ने लगाए बल प्रयोग के आरोप

पुलिस की कार्रवाई के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें हिरासत में लिया। एक अन्य पोस्ट में दीपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया गया, उनकी पिटाई की गई और सोनम वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध धरना स्थल से हटाकर अस्पताल ले जाया गया। इन आरोपों के बाद मामले ने और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, जबकि पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई स्वास्थ्य संबंधी स्थिति और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की गई।