एयर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट से जुड़ी घटना में मुख्य पायलट के डोप टेस्ट को लेकर गंभीर जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट AI-2379 के पायलट का साइकोएक्टिव पदार्थों से संबंधित परीक्षण दूसरी बार भी पॉजिटिव आया है। प्रयोगशाला जांच में उसके सैंपल में गांजा यानी मारिजुआना के सेवन के संकेत मिलने की बात कही गई है।
यह मामला उस उड़ान से जुड़ा है, जिसमें कुल 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य मौजूद थे। उड़ान के दौरान विमान को अचानक तेज झटके लगे और इसकी ऊंचाई करीब 300 फीट तक कम हो गई। घटना के बाद कम से कम 13 यात्रियों और 4 चालक दल के सदस्यों के घायल होने की जानकारी सामने आई। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के अनुसार, घायल क्रू सदस्यों में से दो को रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से और गर्दन में चोटें आईं।
घटना के बाद दोनों पायलटों की हुई जांचनागर विमानन मंत्रालय के मुताबिक, निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के तहत घटना के बाद विमान के दोनों चालक दल सदस्यों का साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए परीक्षण कराया गया था। मुख्य पायलट की शुरुआती जांच में संदिग्ध परिणाम सामने आने के बाद नमूने को अंतिम पुष्टि के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।
साइकोएक्टिव पदार्थ उन रसायनों या पदार्थों को कहा जाता है, जो मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र की कार्यप्रणाली को प्रभावित करते हैं। इस मामले में प्रयोगशाला स्तर की जांच के बाद मुख्य पायलट के सैंपल में मारिजुआना के सेवन के लिए पॉजिटिव पाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।
मामले को गंभीर श्रेणी में रखा गया है और इसकी जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) कर रहा है। जांच के दौरान घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं के साथ-साथ उड़ान चालक दल से संबंधित परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है।
जांच पूरी होने तक दोनों क्रू सदस्य ड्यूटी से बाहरमामले में नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने दोनों फ्लाइट क्रू सदस्यों को फिलहाल ड्यूटी से हटा दिया है। मंत्रालय के अनुसार, यह कदम जांच और परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगा। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और अंतिम रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
इस घटनाक्रम पर एयर इंडिया ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी। एयरलाइन ने कहा था कि उसे इस बात की जानकारी है कि निर्धारित नियमों के अनुसार पायलटों का उड़ान के बाद परीक्षण किया गया था। हालांकि, एयर इंडिया के मुताबिक, इन परीक्षणों के परिणाम उसके साथ साझा नहीं किए गए थे। इसलिए उस समय एयरलाइन ने किसी निष्कर्ष पर टिप्पणी करने से इनकार किया था।
एयर इंडिया ने यह भी स्पष्ट किया था कि वह केवल किसी विशेष घटना या उड़ान के संदर्भ में ही नहीं, बल्कि नागर विमानन नियमों के तहत अपने क्रू सदस्यों का नियमित ड्रग टेस्ट भी कराती है।
मंत्रालय के अधिकारियों से मिले एयर इंडिया के शीर्ष अधिकारीइस मामले के बीच एयर इंडिया के CEO और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने मंगलवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक की। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में एयर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा टाटा संस के चेयरमैन के कार्यकारी सलाहकार और पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला भी मौजूद रहे।
बैठक में एयर इंडिया के उड़ान सुरक्षा प्रमुख दीपक जोशी ने भी हिस्सा लिया। वहीं, नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा, DGCA के महानिदेशक वीर विक्रम यादव और AAIB के महानिदेशक जीवीजी युगंधर भी बैठक में शामिल थे।
हालांकि, इस बैठक में किन-किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी तत्काल आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष तथा अंतिम रिपोर्ट के आधार पर किए जाने की बात कही गई है।