दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, लैंडिंग के बाद एयर इंडिया विमान में लगी आग, सभी यात्री सुरक्षित

दिल्ली एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। हांगकांग से आई एयर इंडिया की फ्लाइट AI-315 में लैंडिंग के तुरंत बाद आग लग गई। यह आग विमान के सहायक विद्युत इकाई (Auxiliary Power Unit - APU) में देखी गई। राहत की बात यह रही कि सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। विमान को तुरंत सेवा से बाहर कर दिया गया है और पूरी घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

विमान में लगी आग, लेकिन कोई हताहत नहीं

मिली जानकारी के अनुसार, जैसे ही विमान लैंडिंग के बाद गेट पर पहुंचा और यात्रियों का डिसएंबार्किंग (उतरना) शुरू हुआ, तभी APU में हल्की आग लग गई। एयर इंडिया ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि आग लगते ही सिस्टम ने APU को ऑटोमैटिकली बंद कर दिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। चालक दल की सतर्कता और ग्राउंड स्टाफ की तत्परता के चलते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

एयरपोर्ट पर मची अफरातफरी, फायर ब्रिगेड की तत्परता से संभली स्थिति

जैसे ही विमान में आग लगने की खबर फैली, दिल्ली एयरपोर्ट पर थोड़ी देर के लिए अफरातफरी मच गई। फौरन फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग को नियंत्रित किया। रनवे के पास विमान को रोककर आवश्यक जांच की गई और अन्य विमानों के संचालन पर अस्थाई रोक भी लगाई गई ताकि कोई और जोखिम न हो।

एयर इंडिया का बयान: सुरक्षा में कोई समझौता नहीं

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि घटना के समय विमान में सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया। उन्होंने कहा, 22 जुलाई 2025 को हांगकांग से दिल्ली पहुंची फ्लाइट AI-315 की लैंडिंग के बाद APU में आग लग गई थी। लेकिन सभी प्रक्रियाओं को फॉलो किया गया और किसी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा। विमान को अब आगे की जांच के लिए ग्राउंडेड कर दिया गया है।

डीजीसीए की सख्ती के बावजूद हादसे, चिंता की बात

गौरतलब है कि हाल ही में अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के बाद डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) ने एयरलाइनों को सख्त दिशा-निर्देश दिए थे कि वे तकनीकी जांच और मेंटेनेंस में कोई लापरवाही न बरतें। इसके बावजूद AI-315 की घटना चिंता का विषय बन गई है। DGCA ने तत्काल इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं और एयर इंडिया से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

कई विमान कंपनियों पर बढ़ा दबाव, जांच प्रणाली में तेजी

इस घटना के बाद फिर से विमानन कंपनियों की तकनीकी जांच प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, DGCA अब सभी एयरलाइनों के APU सिस्टम और उनकी सुरक्षा प्रक्रिया की रैंडम चेकिंग करने जा रहा है। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ग्राउंड स्टाफ और पायलट्स के प्रशिक्षण को लेकर भी नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। फिलहाल विमान को सेवा से बाहर कर दिया गया है और जांच एजेंसियां अपने काम में जुट गई हैं। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि विमानों की तकनीकी जांच कितनी जरूरी है और इसके लिए एयरलाइनों को हर स्तर पर सतर्क रहने की जरूरत है।