नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन समाप्त होने के बाद संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार सुबह एक वीडियो संदेश जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने आंदोलन की सफलता पर खुशी जताते हुए उन सभी लोगों का धन्यवाद किया, जिन्होंने पूरे अभियान के दौरान किसी न किसी रूप में सहयोग किया। उन्होंने समर्थकों के साथ-साथ अपने आलोचकों का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी आलोचनाओं ने संगठन को और बेहतर बनने की प्रेरणा दी। अभिजीत ने यह भी बताया कि वह इन दिनों टाइफाइड से पीड़ित हैं और तेज बुखार के बावजूद लोगों का धन्यवाद करना उनके लिए जरूरी था।
समर्थकों के साथ आलोचकों को भी कहा शुक्रियावीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन के दौरान लाखों लोगों का सहयोग मिला, जिसकी वजह से छात्रों की आवाज देशभर तक पहुंच सकी। उन्होंने कहा कि केवल समर्थन देने वालों का ही नहीं, बल्कि सवाल उठाने और आलोचना करने वालों का भी योगदान रहा, क्योंकि उनकी प्रतिक्रियाओं ने संगठन को अपनी कमियों को समझने और बेहतर तरीके से काम करने का अवसर दिया।
उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी के पहले बड़े अभियान में जो लक्ष्य तय किया गया था, उसे पूरा करने में हर व्यक्ति की किसी न किसी रूप में भूमिका रही। इसी कारण वह सभी लोगों का दिल से आभार व्यक्त करना चाहते हैं।
'लंबे समय बाद ऐसी सुबह आई, जब कोई आंदोलन की तैयारी नहीं करनी थी'अपने संबोधन में अभिजीत दीपके ने पिछले दिनों के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि बीते कई दिनों तक लगातार आंदोलन की रणनीति, कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं में व्यस्त रहने के कारण आराम करने का मौका नहीं मिला। हर सुबह और हर शाम अगले चरण की तैयारी में गुजर रही थी।
उन्होंने कहा, पिछले 27 दिनों से लगातार आंदोलन चल रहा था। इस दौरान कई लोगों ने सवाल भी किए कि यह सब कैसे चलेगा, कैसे संभाला जाएगा। लेकिन हमारे सभी साथी पूरी मजबूती से डटे रहे और आंदोलन को लगातार समर्थन मिलता रहा। शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मैं शाम को धरना स्थल से चला गया था, इसलिए वहां मौजूद सभी लोगों का व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद नहीं कर सका। आज सुबह उठते ही सबसे पहले यही महसूस हुआ कि अब किसी नई रणनीति या शाम की तैयारी की चिंता नहीं है। इसलिए सबसे पहले उन सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने इस पूरे अभियान में हमारा साथ दिया।
अभिजीत दीपके ने वीडियो में अपनी स्वास्थ्य स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह टाइफाइड से संक्रमित हैं और पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार से गुजर रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि आंदोलन की सफलता के बाद लोगों के प्रति आभार व्यक्त करना उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण था।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक नहीं होने के बावजूद वह उन सभी स्वयंसेवकों, छात्रों और समर्थकों का धन्यवाद करना चाहते थे, जिन्होंने पूरे अभियान के दौरान लगातार मेहनत की और आंदोलन को सफल बनाने में योगदान दिया।
सोनम वांगचुक से की थी वीडियो कॉल पर बातचीतअभिजीत दीपके ने बताया कि शनिवार को आंदोलन समाप्त होने के बाद उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर भी बातचीत की थी। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। दोनों इस पूरे आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे और विभिन्न चरणों में आंदोलन को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।
सरकार से बातचीत के बाद खत्म हुआ आंदोलनकॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर चल रहे अपने आंदोलन को शनिवार शाम औपचारिक रूप से समाप्त करने की घोषणा की। आंदोलन खत्म होने से पहले संगठन की ओर से सरकार के साथ एक और दौर की बातचीत हुई। इस बैठक में CJP की तरफ से प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका शामिल हुए, जबकि केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने बातचीत की।
वार्ता के बाद सहमति बनने पर संगठन ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया। इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा भी हुई, जिसके बाद अभिजीत दीपके ने धरना स्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। इसके बाद वह स्वास्थ्य कारणों से आराम करने के लिए रवाना हो गए।
जंतर-मंतर से लौटने लगे प्रदर्शनकारीआंदोलन समाप्त होने की घोषणा के साथ ही शनिवार शाम से जंतर-मंतर का माहौल बदलने लगा। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी धीरे-धीरे वहां से लौटने लगे और धरना स्थल खाली होना शुरू हो गया। प्रशासन ने भी सामान्य व्यवस्था बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। वहीं अभिजीत दीपके के रविवार सुबह जारी वीडियो संदेश ने आंदोलन के समापन के बाद समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पूरे अभियान के भावनात्मक समापन का संदेश दिया।