'अब समझ आया कि भूख हड़ताल कितनी कठिन होती है', दूसरे दिन ही बिगड़ी तबीयत; बोले अभिजीत दीपके

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन लगातार जारी है। इस आंदोलन को विभिन्न वामपंथी छात्र संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है और कई छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। इसी बीच, जंतर-मंतर से एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। रविवार (19 जुलाई) को उन्होंने कहा कि उपवास करना जितना आसान दिखता है, वास्तव में उतना बिल्कुल नहीं है और दूसरे ही दिन उनकी तबीयत खराब होने लगी है।

दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाने के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए घोषणा की थी कि वह भी तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रहे हैं। अपनी पोस्ट में उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।

जंतर-मंतर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा, आज मेरे अनशन का दूसरा दिन है। अब जाकर मुझे एहसास हो रहा है कि भूख हड़ताल करना कितना कठिन होता है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें उन सभी लोगों के संघर्ष का वास्तविक अंदाजा हो रहा है, जो कई दिनों से लगातार अनशन पर बैठे हैं।

उन्होंने आगे कहा, मैं सोच भी नहीं सकता कि सोनम सर और बाकी लोग इतने लंबे समय से किस तरह यह अनशन जारी रखे हुए हैं। मेरी तो दूसरे ही दिन हालत बिगड़ने लगी है। दीपके ने अनशन पर बैठे सभी लोगों के हौसले की सराहना करते हुए कहा कि यह बेहद कठिन संघर्ष है और जो लोग इसे लंबे समय से निभा रहे हैं, वे सम्मान के पात्र हैं।
'कल के संसद मार्च के लिए ऊर्जा बचा रहा हूं'

अभिजीत दीपके ने कहा कि भूख हड़ताल की वजह से वह आंदोलन में शामिल लोगों से पहले की तरह मिल नहीं पा रहे हैं और न ही ज्यादा बातचीत कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं अपनी ऊर्जा बचाने की कोशिश कर रहा हूं, क्योंकि कल संसद मार्च होना है और उसमें मेरी मौजूदगी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल के दौरान शरीर पर पड़ने वाला असर अब उन्हें प्रत्यक्ष रूप से महसूस हो रहा है।

20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च निकालने की घोषणा की है। अभिजीत दीपके ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह आंदोलन के समर्थन में अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी जारी रखेंगे और प्रदर्शन में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखेंगे।

वहीं, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने भी पुष्टि की है कि 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च का नेतृत्व वह स्वयं करेंगी। संगठन का कहना है कि आंदोलन छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी जारी रहेगा।

मेडिकल सलाह के बाद अस्पताल ले जाए गए थे सोनम वांगचुक

गौरतलब है कि शनिवार को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर चल रहे धरना स्थल से सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। पुलिस के अनुसार, यह निर्णय डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप लिया गया। सोनम वांगचुक 28 जून से NEET समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।