नीतीश कुमार पर तेजस्वी यादव का पहला बयान, कहा- ‘हम साथ रहते तो आज ये दिन नहीं आता’

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले को लेकर राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार ने महागठबंधन का साथ छोड़ा था, तब इसके पीछे कोई ठोस या वाजिब वजह नहीं थी। तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान भी उनकी पार्टी ने व्यक्तिगत तौर पर नीतीश कुमार के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की थी।

गुरुवार (05 मार्च, 2026) को पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि आज जो परिस्थितियां बनी हैं, वे काफी हद तक राजनीतिक दबाव का परिणाम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर दोनों दल साथ बने रहते तो शायद आज यह स्थिति देखने को नहीं मिलती।

‘बीजेपी रबर स्टांप मुख्यमंत्री बनाती है’

तेजस्वी यादव ने इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी ऐसे मुख्यमंत्री चुनना पसंद करती है जो केवल औपचारिक भूमिका निभाएं। उनके अनुसार, वे पहले से ही कहते रहे हैं कि नीतीश कुमार को पूरी तरह से राजनीतिक रूप से घेर लिया गया है और अब यह बात स्पष्ट रूप से सामने आ रही है।

तेजस्वी यादव का कहना था कि बिहार में जो सत्ता परिवर्तन की स्थिति बन रही है, वह जनभावनाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की राजनीति का एक पैटर्न रहा है—वह पहले सहयोगी दलों के साथ सरकार बनाती है और बाद में धीरे-धीरे उन्हें कमजोर कर देती है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश में जहां-जहां बीजेपी सत्ता में रही है, वहां वह अपने सहयोगियों को हाशिए पर धकेलने की कोशिश करती रही है। तेजस्वी के मुताबिक, बीजेपी का लक्ष्य आरएसएस के एजेंडे को आगे बढ़ाना है और इसी दिशा में उसकी राजनीति चल रही है।
चुनाव और लोकतंत्र को लेकर भी उठाए सवाल

तेजस्वी यादव ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी बीजेपी पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए मशीनरी और सिस्टम का इस्तेमाल करती है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश करती है।

उन्होंने कहा कि बिहार की जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर अपना फैसला भी सुनाएगी। तेजस्वी ने यह भी कहा कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं तो उनके प्रति सहानुभूति है। उनका मानना है कि अगर दोनों दलों का साथ बना रहता, तो शायद आज ऐसी परिस्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि वे नीतीश कुमार के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

निशांत कुमार को राजनीति में आने की सलाह

मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर भी अपनी राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि वे पहले भी कह चुके हैं कि निशांत को राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

तेजस्वी यादव का कहना था कि जनता दल (यूनाइटेड) के भीतर ऐसे कई लोग हैं जो बीजेपी के साथ मिलकर पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसे लोग नहीं चाहते कि जेडीयू एक मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में बनी रहे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जेडीयू के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी राजनीतिक पहचान और संगठन को बचाए रखने की है।