पटना। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर हुए उग्र विरोध-प्रदर्शन के बाद जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शनिवार देर रात पुलिस ने उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजने का आदेश दिया। गिरफ्तारी के बाद उनके अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने कहा कि अब तक पुलिस ने केवल गिरफ्तारी मेमो उपलब्ध कराया है, जबकि एफआईआर की प्रति उन्हें नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि तेजप्रताप यादव पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 और 307 (हत्या के प्रयास) सहित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह केस गांधी मैदान थाने में दर्ज हुआ है।
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को आयोजित बिहार बंद के दौरान राज्य के 13 जिलों में हिंसक घटनाएं सामने आईं। इसी दौरान पटना के रामगुलाम चौक पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कथित रूप से उकसाने के आरोप में पुलिस ने तेजप्रताप यादव के खिलाफ कार्रवाई की। देर रात उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
पहले हिरासत, फिर रिहाई और दोबारा गिरफ्तारीपुलिस सूत्रों के मुताबिक गांधी मैदान थाना पुलिस ने शनिवार दोपहर तेजप्रताप यादव को एहतियातन हिरासत में लिया था। हालांकि, तत्काल हालात को देखते हुए कुछ समय बाद उन्हें छोड़ दिया गया। शाम के समय जब वह सिटी सेंटर मॉल की ओर गए, तब पुलिस ने दोबारा उन्हें हिरासत में लेकर दीघा थाने पहुंचाया। वहां से बाद में उन्हें नौबतपुर थाने ले जाया गया, जहां देर रात तक पूछताछ चली। नौबतपुर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने पुष्टि करते हुए बताया कि पूर्व मंत्री को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हिंसक झड़पशनिवार को बिहार बंद के दौरान राजधानी पटना में बड़ी संख्या में छात्र और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ विरोध जता रहे थे। कई स्थानों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर जुलूस को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
इसके बाद प्रदर्शन हिंसक हो गया। उग्र भीड़ ने पुलिस पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया और एक गश्ती वाहन को पलट दिया। इस दौरान हुई झड़प में कई पुलिसकर्मी और छात्र घायल हो गए। छात्र संगठन आइसा और आरवाईए ने बिहार बंद का आह्वान किया था, जिसे राष्ट्रीय जनता दल (राजद), वीआईपी, वामदलों और महागठबंधन के अन्य सहयोगी दलों का भी समर्थन मिला। सुबह करीब 10 बजे से ही प्रदर्शनकारी राजधानी की प्रमुख सड़कों पर जुटने लगे थे।
गांधी मैदान से एक्जीबिशन रोड तक फैला बवालदोपहर करीब डेढ़ बजे जेपी गंगा पथ की ओर से लगभग दो हजार छात्र-छात्राएं गांधी मैदान के समीप पहुंचे और नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने लगे। रामगुलाम चौक के पास पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने ईंट-पत्थर चलाने शुरू कर दिए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
इसके बाद प्रदर्शनकारी एक्जीबिशन रोड की ओर बढ़ गए, जहां कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए आसपास के बाजार और दुकानें बंद करा दी गईं। गांधी मैदान, फ्रेजर रोड और एक्जीबिशन रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर लंबे समय तक यातायात बाधित रहा, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
डाकबंगला चौराहा बना पुलिस छावनी, कई इलाकों में तनावजेपी गोलंबर, फ्रेजर रोड, बांकीपुर और छज्जूबाग सहित कई इलाकों में भी छात्र समूहों ने प्रदर्शन किया। पूरे दिन डाकबंगला चौराहा पुलिस छावनी में तब्दील रहा। विभिन्न दिशाओं से गांधी मैदान की ओर बढ़ रहे हजारों छात्रों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई।
कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थरबाजी किए जाने के बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया और भीड़ को स्टेशन की ओर खदेड़ दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान क्षेत्र की अधिकांश दुकानें बंद रहीं और सुरक्षा व्यवस्था लगातार कड़ी रखी गई।
209 गिरफ्तार, राजद विधायक समेत कई हिरासत मेंबिहार बंद के मद्देनजर राज्य पुलिस मुख्यालय पूरे दिन हाई अलर्ट पर रहा। पटना में कुल 209 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि राजद विधायक गौतम कृष्णा सहित करीब 60 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। पुलिस ने 209 नामजद और लगभग 2200 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
राज्य पुलिस मुख्यालय से पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी की जाती रही। प्रदर्शन और हिंसक घटनाओं को देखते हुए राज्यभर में कुल 423 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। मुख्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम से हर एक-दो घंटे में सभी जिलों से स्थिति रिपोर्ट मांगी जाती रही। सीवान सहित कुछ संवेदनशील जिलों में हालात को देखते हुए पड़ोसी जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मंगाई गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।