राजद की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बिहार में एसआईआर (सामाजिक आर्थिक जातीय जनगणना) के मुद्दे पर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने विधानसभा में लगातार पांच दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि बिहार की जनता के अधिकारों का सवाल है।
राबड़ी देवी ने राज्य सरकार से दो टूक पूछ लिया – उन चार करोड़ लोगों का क्या होगा जो आज बिहार से पलायन कर चुके हैं? क्या उनकी पहचान और हक को दरकिनार किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है और जनता को जवाब चाहिए।
इसी बीच राबड़ी देवी ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए दावा किया कि उनके बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की जान को गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को ट्रक के जरिए मारने की चार बार कोशिश हो चुकी है।
राबड़ी देवी ने कहा, “हम जानते हैं कि इन हमलों के पीछे कौन है। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है।” उन्होंने भाजपा और जदयू पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि तेजस्वी को इन्हीं दोनों दलों से खतरा है।
राबड़ी देवी के इन बयानों से बिहार की राजनीति में एक बार फिर से उबाल आ गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे और उनकी पार्टी इस मुद्दे पर पीछे हटने वाले नहीं हैं।