बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Election 2025) के दूसरे और अंतिम चरण के प्रचार अभियान के खत्म होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच NDA के सहयोगी और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है। राजभर ने बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने की संभावना जताते हुए एनडीए के लिए गंभीर चुनौती पेश कर दी है। उनका यह बयान मतदान से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए झटका साबित हो सकता है।
राजभर का RJD सरकार बनने का दावासुभासपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अगर बिहार में बंपर वोटिंग होती है, तो राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की सरकार बनने की संभावना मजबूत हो जाएगी। उन्होंने कहा, “अगर मतदान 60 प्रतिशत से ऊपर जाता है, तो महागठबंधन की सरकार बनना तय है।” राजभर के इस बयान ने बिहार की सियासी संभावनाओं में नया मोड़ ला दिया है।
इस दौरान उन्होंने बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा दिल्ली से वृंदावन तक निकाली जा रही पदयात्रा पर भी टिप्पणी की। राजभर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि “जब राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सभी हिंदू हैं तो कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। लेकिन आजकल कुछ साधु-संत लोग राजनीति में आने के लिए नाटक कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि ये लोग बाद में राजनीतिक दलों में शामिल होकर चिन्मयानंद और साक्षी महाराज की तरह सांसद बन जाएंगे।
बिहार में सुभासपा का प्रभावओम प्रकाश राजभर की पार्टी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा), इस चुनाव में अकेले बिहार की 64 सीटों पर उम्मीदवार उतार रही है। राजभर और उनके बेटे डॉ. अरविंद राजभर और अरुण राजभर ने चुनाव के दौरान एनडीए के विरोध में कई सभाएं की हैं। दूसरे चरण की 34 सीटों पर सुभासपा के प्रत्याशी सीधे एनडीए के खिलाफ मैदान में हैं।
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि कई सीटों पर सुभासपा के प्रत्याशी एनडीए और महागठबंधन के समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं। बिहार में दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर मंगलवार को होने वाला है, जबकि चुनाव परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इस समय राजनीतिक विश्लेषक ओम प्रकाश राजभर के बयान को महत्त्वपूर्ण और संभावित गेमचेंजर के रूप में देख रहे हैं।