लोकप्रिय लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने मंगलवार (14 अक्टूबर 2025) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा था, और पार्टी ने मात्र एक दिन बाद ही उन्हें अलीनगर विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया। यह कदम बीजेपी के लिए तो बड़ा सरप्राइज़ था ही, साथ ही मैथिली ठाकुर के लिए भी राजनीतिक करियर की नई शुरुआत का प्रतीक बन गया है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में वह अब तक की सबसे कम उम्र की उम्मीदवार हैं।
टिकट मिलने के बाद मैथिली ठाकुर की पहली प्रतिक्रियाबीजेपी की दूसरी उम्मीदवार सूची जारी होने के तुरंत बाद मैथिली ठाकुर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा – “मुझ पर विश्वास जताने के लिए भाजपा और एनडीए के सभी केंद्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व का हृदय से आभार। मैं अलीनगर की जनता की सेवा और भाजपा-एनडीए की जनकल्याणकारी नीतियों को घर-घर, गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करूंगी।”
उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की बाढ़ आ गई। कई प्रशंसकों ने उन्हें बधाई देते हुए राजनीतिक सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।
बीजेपी ने जारी की दूसरी उम्मीदवार सूचीबिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए बीजेपी ने बुधवार (15 अक्टूबर 2025) को अपनी दूसरी उम्मीदवार सूची जारी की, जिसमें कुल 12 नाम शामिल हैं। पहली सूची में 71 उम्मीदवारों की घोषणा की गई थी, जबकि दूसरी सूची की शुरुआत मैथिली ठाकुर के नाम से हुई।
इन 12 सीटों से उतरे बीजेपी प्रत्याशीमैथिली ठाकुर – अलीनगर
रामचंद्र प्रसाद – हायाघाट
रंजन कुमार – मुजफ्फरपुर
सुभाष सिंह – गोपालगंज
केदारनाथ सिंह – बनियापुर
छोटी कुमारी – छपरा
विनय कुमार सिंह – सोनपुर
बीरेंद्र कुमार – रोसड़ा
डॉ. सियाराम सिंह – बाढ़
महेश पासवान – अगिआंव
राकेश ओझा – शाहपुर
पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा – बक्सर
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएंमैथिली ठाकुर के राजनीति में आने और टिकट मिलने के बाद इंटरनेट पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां कुछ यूजर्स ने उन्हें “युवा और सशक्त उम्मीदवार” बताकर सराहा, वहीं कुछ ने उन्हें जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की नसीहत दी।
एक यूजर ने लिखा – “आपको हार्दिक शुभकामनाएं! उम्मीद है कि आप केवल प्रतीकात्मक MLA बनकर नहीं रहेंगी, बल्कि जनता के बीच रहकर असली बदलाव लाएंगी। पांच साल बाद आपके क्षेत्र के लोगों को फर्क महसूस होना चाहिए।”
संगीत से राजनीति तक का सफरमैथिली ठाकुर का नाम संगीत प्रेमियों के बीच किसी पहचान का मोहताज नहीं है। लोकगीतों और मिथिला संस्कृति के प्रचार में उनकी भूमिका अहम रही है। अब राजनीति में कदम रखकर उन्होंने यह साबित किया है कि वे समाज के विकास के लिए हर मोर्चे पर काम करने को तैयार हैं। अलीनगर में उनका मुकाबला अब एक दिलचस्प चुनावी जंग का रूप ले सकता है।