बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रविवार को ऐसा बयान दे दिया, जिसने सियासी चर्चाओं को और तेज़ कर दिया है। उन्होंने कहा कि एनडीए के पाँच विधायक मिलकर बिहार का अगला मुख्यमंत्री तय करेंगे। चिराग ने स्पष्ट कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जा रहा है और वही मुख्यमंत्री बनेंगे।
चिराग पासवान ने कहा, “हम सभी एनडीए के साथी दल नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं। विधायक दल की बैठक के बाद उन्हें ही फिर से नेता चुना जाएगा और वे दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे।” उनके इस बयान ने बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा का माहौल बना दिया है, क्योंकि विपक्ष पहले से ही सत्ता समीकरणों को लेकर सक्रिय है।
मुसलमानों से की एनडीए का समर्थन करने की अपील
अपने संबोधन में चिराग पासवान ने मुस्लिम समुदाय से खुलकर एनडीए को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा, “देश के मुसलमानों को अब डराने की राजनीति से बाहर आना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास का नया दौर शुरू हुआ है और बिहार में डबल इंजन की सरकार बनने जा रही है। बीते 11 सालों से मुसलमानों को मोदी के नाम पर भय दिखाया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि देश में सबका साथ, सबका विकास हो रहा है।”
SIR प्रक्रिया पर चिराग का बयानजब मीडिया ने उनसे SIR (Special Intensive Revision) के बारे में सवाल पूछा, तो चिराग ने कहा, “ये तो आवश्यक प्रक्रिया है, जो समय-समय पर होती रही है। बिहार में जब पहले इसे लागू किया गया था, तब हमने उसका पूर्ण समर्थन किया था। इस प्रक्रिया का मकसद है यह सुनिश्चित करना कि मतदाता सूची में कोई धांधली या फर्जी नाम शामिल न हो।”
उन्होंने आगे कहा, “देश के मताधिकार जैसे महत्वपूर्ण अधिकार का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए। घुसपैठियों को वोट डालने का मौका देना देश के साथ अन्याय होगा। इसलिए SIR जैसी प्रक्रिया को मजबूत तरीके से लागू किया जाना चाहिए। जब बिहार में यह हुआ था, हमने उसका स्वागत किया था और अब जब यह राष्ट्रीय स्तर पर लागू हो रहा है, तो यह देश के लोकतंत्र के लिए अच्छा कदम है।”
प्रशांत किशोर पर साधा निशानाचिराग पासवान ने इस दौरान प्रशांत किशोर पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, “वो दो-दो राज्यों में वोटर आईडी के मुद्दे पर जो बयान दे रहे हैं, उस पर उन्हें खुद जवाब देना चाहिए। जनता सब समझती है।”
बिहार की सियासत में इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। जहां चिराग पासवान नीतीश कुमार के नेतृत्व में एकजुटता दिखा रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे “राजनीतिक रणनीति” के रूप में देख रहा है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में एनडीए के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर क्या नया समीकरण बनता है।