पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में अप्रत्याशित हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में अहम समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, मंत्री, विधायक और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान चुनावी नतीजों का विस्तृत विश्लेषण किया गया और यह समझने की कोशिश की गई कि पार्टी को अपने मजबूत गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में हार का सामना क्यों करना पड़ा।
बैठक का मुख्य फोकस चुनावी रणनीति, संगठन की भूमिका और मतदान के दौरान सामने आई कमियों की समीक्षा पर रहा। पार्टी नेतृत्व ने स्थानीय स्तर पर हुई चूक, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और मतदाताओं के रुझान सहित कई पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। भाजपा नेताओं का मानना है कि हार के पीछे रहे कारणों की पहचान कर भविष्य की रणनीति तैयार करना जरूरी है।
'हर राजनीतिक दल अपनी कमियों का करता है विश्लेषण'बैठक समाप्त होने के बाद बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए आत्ममंथन बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा, हर पार्टी अपनी गलतियों से सीखती है और अपनी कमजोरियों को पहचानने की कोशिश करती है। भारतीय जनता पार्टी लगातार बांकीपुर सीट जीतती रही है, लेकिन इस बार परिणाम हमारे पक्ष में नहीं आया। हार के पीछे कई कारण हो सकते हैं। अब हम सभी पहलुओं का गंभीरता से मूल्यांकन करेंगे और जहां कमी रही है, उसे दूर करने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी इस हार को एक सीख के रूप में ले रही है और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए संगठनात्मक स्तर पर आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
हार के कारणों पर शीर्ष नेतृत्व ने किया विचार-विमर्शसूत्रों के अनुसार, समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विस्तार से चर्चा की कि आखिर किन परिस्थितियों में पार्टी अपने पारंपरिक गढ़ में चुनाव हार गई। बैठक में मतदान प्रतिशत, स्थानीय मुद्दों, चुनावी प्रबंधन और संगठन की कार्यप्रणाली जैसे विषयों पर भी मंथन हुआ।
बांकीपुर सीट को भाजपा का मजबूत आधार माना जाता रहा है। ऐसे में यहां मिली हार ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि चुनाव परिणाम आने के बाद से ही लगातार समीक्षा की बात कही जा रही थी। अब राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर है कि इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी या अन्य वरिष्ठ नेता आगे की रणनीति और समीक्षा को लेकर क्या आधिकारिक बयान देते हैं।
प्रवक्ता बोले- परिणाम की ऐसी उम्मीद नहीं थीइस बीच भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुंतल कृष्णा ने भी बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी को इस तरह के परिणाम की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। उनके अनुसार, वर्ष 2025 के चुनाव की तुलना में इस बार भाजपा को करीब 50 प्रतिशत कम वोट मिले हैं। उन्होंने माना कि यह उपचुनाव था और मतदान प्रतिशत भी अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन इसके बावजूद पार्टी के वोटों में आई गिरावट गंभीर समीक्षा का विषय है।
कुंतल कृष्णा ने कहा कि यह समझना जरूरी है कि आखिर ऐसी कौन-सी कमी रह गई, जिसके कारण मतदाता पार्टी से दूर हुए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने बांकीपुर में विकास के जो वादे किए थे, उन्हें पूरा किया गया। उनके मुताबिक, क्षेत्र में ऐसी शायद ही कोई गली बची हो जहां बेहतर सड़क और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था न हो। इसके बावजूद यदि चुनाव परिणाम उम्मीद के अनुरूप नहीं आए हैं, तो पार्टी इसकी गहराई से समीक्षा करेगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएगी।